Magh Mela 2026: संगम नगरी के माघ मेले को लेकर तैयार परिवहन विभाग, सड़कों पर दौड़ेंगी 4000 बसें
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Magh Mela 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मेले में संगम में स्नान करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसे में इस पवित्र संगम में स्नान करने के लिए लाखों भक्तों व साधु-संतों की भीड़ उमड़ती है. एक तरह से मिनी महाकुंभ जैसा नजारा देखने को एक बार फिर मिल सकता है. इसी को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है.
लखनऊ: प्रयागराज में जनवरी महीने में आयोजित होने वाले माघ मेला को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. देश के दूर-दराज इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माघ मेला में स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे. यात्रियों को आने-जाने में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने अपनी सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं.
माघ मेला को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से रिजर्व बसों की भी व्यवस्था की जा रही है. माघ मेला प्राधिकरण की मांग पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बसें भी संबंधित क्षेत्रों से उपलब्ध कराई जाएंगी. माघ मेला क्षेत्र में अस्थायी बस स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है. इससे यात्रियों को बसों तक पहुंचने में आसानी होगी और भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा.
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के जीएम और जनसंपर्क अधिकारी अमरनाथ सहाय ने बताया कि माघ मेला के दौरान परिवहन विभाग की ओर से लगभग 4 हजार बसों का संचालन किया जाएगा. जरूरत के हिसाब से बसों की संख्या घटाई या बढ़ाई जा सकती है. विशेष स्नान पर्वों पर बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी.
उन्होंने बताया कि बस संचालन की निगरानी के लिए परिवहन विभाग की ओर से कंट्रोल रूम बनाए गए हैं. सभी बसों की लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से निगरानी की जाएगी. अगर किसी बस में खराबी आती है या कोई अन्य समस्या होती है, तो क्विक रिस्पॉन्स टीम के जरिए उसका तुरंत समाधान किया जाएगा.
अमरनाथ सहाय ने कहा कि जैसे महाकुंभ के दौरान परिवहन विभाग ने सफलतापूर्वक बसों का संचालन कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा दी थी, उसी तरह माघ मेला में भी यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के सुरक्षित और सुगम यात्रा कर सकें.