Maths Board Exam 2026: सिर्फ 5 दिन बचे, एलसीएम-एचसीएफ से स्टैटिस्टिक्स तक जानिए कौन से आसान चैप्टर दिलाएंगे नंबर
गाजीपुर: बोर्ड परीक्षा 2026 शुरू होने में अब सिर्फ एक हफ्ते का समय बचा है. ऐसे में मैथ को लेकर छात्रों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. केंद्रीय विद्यालय गाजीपुर के टीजीटी मैथ शिक्षक उपेंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि इस समय घबराने के बजाय सही चैप्टर चुनकर बार-बार प्रैक्टिस करना ज्यादा फायदेमंद होगा.
फॉर्मूला और प्रैक्टिस ही असली ताकत
उपेंद्र तिवारी बताते हैं कि मैथ में फॉर्मूले याद होना बहुत जरूरी है. साथ ही संतुलित भोजन और पूरी नींद भी उतनी ही अहम है.वे कहते हैं, पिछले साल के सैंपल पेपर और बोर्ड के फ्री पेपर जरूर हल करें. इससे पेपर का पैटर्न और सवालों की भाषा समझ में आती है.इस बार कंपटेंसी बेस्ड सवालों पर भी ध्यान देने की जरूरत है, जहां समझ और एप्लिकेशन देखा जाता है.
कमजोर छात्रों के लिए सही चैप्टर चुनना जरूरी
जो छात्र खुद को कमजोर मानते हैं या पास होने को लेकर परेशान हैं, उन्हें सभी चैप्टर पढ़ने के बजाय आसान और स्कोरिंग चैप्टर चुनने चाहिए.
एलसीएम-एचसीएफ वाला चैप्टर पढ़ना जरूरी है, इसका वेटेज करीब 6 नंबर का होता है. स्टैटिस्टिक्स में मीन, मोड और मीडियन आसान होते हैं. इनके दो-तीन फॉर्मूले याद करके टेबल बनाना सीख लें.अरिथमैटिक प्रोग्रेशन और प्रॉबेबिलिटी से भी अच्छे नंबर उठाए जा सकते हैं.सर्फेस एरिया और वॉल्यूम फॉर्मूला बेस्ड चैप्टर है, इसलिए यह स्कोरिंग माना जाता है.
स्टेप मार्किंग का पूरा फायदा लें
उपेंद्र तिवारी बताते हैं कि मैथ के पेपर में स्टेप मार्किंग होती है. “अगर पूरा उत्तर नहीं भी बन पा रहा है, तो भी सवाल को लिखना, फॉर्मूला लगाना और स्टेप दिखाना जरूरी है. इससे नंबर मिलने की संभावना बनती है. क्वेश्चन को लिखना ये सब भी स्टेप मार्किंग में काउंट हो जाएगा
वे छात्रों को सलाह देते हैं कि कोई भी सवाल खाली न छोड़ें. जरूरत हो तो फिगर जरूर बनाएं और जो दिया गया है, उसे साफ-साफ लिखें. सर का कहना है – प्री बोर्ड एग्जाम में जो आपको क्वेश्चंस मिले थे उनको सॉल्व करके भी आप आइडिया लगा सकते हैं कि सीबीएसई में बोर्ड एग्जाम में कैसा पेपर आएगा. उनका कहना है कि अगर छात्र सही रणनीति और लगातार अभ्यास करें, तो आखिरी एक हफ्ते में भी मैथ में अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं.