Meerut Kidnapping Live: मेरठ कांड में 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, सपा नेता को परिवार से मिलने से रोका
डासना पर रोका
गाजियाबाद के डासना के पास चंद्र शेखर रावण के काफिले को रोक दिया गया. बाइक पर सवार होकर मेरठ की तरफ चंद्र शेखर रावण जा रहे थे. पुलिस ने दो गाड़ियों को भी रोका.
जाति देखकर गरजता है बुलडोजर: सपा नेता
सपा सांसद रामजीलाल सुमन कपसाड में परिवार से बिना मिले दिल्ली लौट आए. पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं में तीखी नोंकझोंक बाद सपा सांसद वापस आए. सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि यूपी में दलितों पर अत्याचार हो रहा है. जाति देखकर गरजता है बुलडोजर. ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करें सरकार. यूपी में जगह-जगह अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने के मामले सामने आए.
रामजीलाल सुमन को रोका
मेरठ-मां की हत्या के बाद बेटी के अपहरण का मामला लगातार सुर्खियों में है. सभा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन मेरठ पहुंचे. वहां काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक लिया. इस पर पुलिस और सपा नेताओ में हॉट टॉक हो गई. बता दें, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे सपा सांसद. कहा जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर भी आ सकते हैं. 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है. गांव के बाहर पुलिस फोर्स तैनात है.
कल छावनी बना था गांव, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
सरधना के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या के बाद उनकी बेटी रूबी के अपहरण ने सूबे की सियासत को गरम कर दिया है. शुक्रवार को एक तरफ अपहृत बेटी के लिए बिलखता परिवार था तो दूसरी तरफ गांव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगी रही.
किसान नेता भी आग बबूला हुए
उत्तर प्रदेश के मेरठ में 8 जनवरी की सुबह एक 22 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर एक दलित महिला की हत्या कर दी और उसकी 20 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया. इस मामले को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है. गांव छावनी में तब्दील हो गया. नेताओं की भी एंट्री हो गई है. अब इस पर बीकेयू नेता राकेश टिकैत की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने मेरठ कांड को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कहा कि पुलिस रोज गोडे तोड़ रही है, इतना इंतजाम बैठा रखा है, लगातार प्रयासों के बाद भी अपराध काबू में नहीं आ पा रहे हैं.
यह है मामला
गौरतलब है कि गुरुवार सुबह 8 बजे मां के साथ खेत जा रही लड़की के किडनेपिंग का विरोध करने पर मां की हत्या की गई थी. मुख्य नामजद आरोपी पारस सोम ने अपने साथियों के साथ इस दुस्साहिक वारदात को अंजाम दिया था. गंभीर रूप से घायल लड़की की मां की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एम्बुलेंस में तोड़फोड़ भी की थी. डीएम और एसएसपी परिजनों को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिजन और ग्रामीण लड़की की बरामदगी पर अड़े रहे और शव रखकर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक लड़की की बरामदगी नहीं होती और आरोपी पकड़े नहीं जाते तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. हालांकि, बाद में सरकार द्वारा 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलने के बाद परिवार ने देर रात अंतिम संस्कार कर दिया.