Mirzapur News: व्हाट्सएप पर “जय श्रीराम” लिखते ही जल उठेगा रावण का पुतला, देखें छात्रों का आविष्कार
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Unique Invention: मिर्जापुर जिले के मझवा ब्लाक के स्वामी विवेकानंद एकेडमी में पढ़ने वाले कक्षा 11वीं के 9 छात्रों ने अनोखा यंत्र बनाया है. व्हाट्सएप ऐप पर जय श्री राम लिखते ही ग्राउंड में खड़ा साढ़े चार फीट का पुतला अपने आप जलने लग जाता है. नई तकनीक बेहद खास नजर आ रहा है, क्योकि इससे आग लगाने या बाण मारने जैसी समस्या खत्म होगी.
मिर्जापुर. आधुनिक दौर में जहां हर चीज तकनीक पर निर्भर होती जा रही है, वहीं त्योहारों और परंपराओं में भी नए-नए प्रयोग देखने को मिल रहे हैं. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के छात्रों ने एक अनोखा यंत्र तैयार किया है, जो दशहरे पर रावण दहन की पारंपरिक पद्धति को पूरी तरह बदल देगा. अब केवल व्हाट्सएप पर “जय श्रीराम” लिखते ही रावण का पुतला अपने आप जल उठेगा. इस नई तकनीक से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि भीड़ में भगदड़ और चोट की आशंका भी खत्म हो जाएगी.
स्कूल के छात्रों ने किया अभिनव प्रयोग
मिर्जापुर जिले के मझवा ब्लॉक स्थित स्वामी विवेकानंद एकेडमी के कक्षा 11वीं के नौ छात्रों ने मिलकर इस अनोखी तकनीक को विकसित किया है. पारंपरिक तौर पर दशहरे पर रावण का पुतला जलाने के लिए आग लगाई जाती थी या फिर बाण चलाकर दहन किया जाता था. लेकिन अक्सर इस दौरान लोग लपटों और भगदड़ की चपेट में आकर घायल हो जाते थे. छात्रों ने इस समस्या को ध्यान में रखते हुए तकनीक से जुड़ा समाधान ढूंढ निकाला. अब दूर बैठे ही केवल एक संदेश लिखकर पुतले का दहन किया जा सकेगा.
“जय श्रीराम” लिखते ही जल उठेगा पुतला
इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि जैसे ही व्हाट्सएप पर “जय श्रीराम” लिखा जाएगा, मैदान में खड़ा करीब साढ़े चार फीट ऊंचा रावण का पुतला अपने आप जल उठेगा. इससे लोगों को पास जाकर आग लगाने या बाण मारने की जरूरत नहीं पड़ेगी. छात्र कौशिक पांडेय, जो इस टीम का हिस्सा हैं, बताते हैं कि यह विचार उन्हें तब आया जब वे रावण दहन देखने गए थे. उस समय अचानक आग फैलने से लोग घबराकर भागने लगे और कई लोग घायल हो गए. इसी घटना ने उन्हें प्रेरित किया कि क्यों न तकनीक का इस्तेमाल करके इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए.
दस दिनों में तैयार, 16 हजार का खर्च
कक्षा 11वीं के छात्रों ने अपने अध्यापकों की मदद से इस यंत्र को तैयार किया. इसे बनाने में कुल दस दिन का समय लगा और लगभग 16 हजार रुपये खर्च हुए. इस विशेष डिवाइस को तैयार करने में मोबाइल फोन, रिसीवर-ट्रांसमीटर, स्पार्क सेंसर और बैटरी जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया. छात्रों ने बताया कि पुतले के अंदर इस डिवाइस को सेट कर दिया गया है, जिससे संदेश प्राप्त होते ही स्पार्क सेंसर सक्रिय हो जाता है और पुतले में आग लग जाती है.
सुरक्षित और आधुनिक प्रयोग
यह नई तकनीक दशहरे जैसे बड़े पर्व में सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. भीड़-भाड़ में आग लगने की आशंका से कई बार हादसे हो जाते थे. इस डिवाइस से जहां दर्शक सुरक्षित रहेंगे वहीं आयोजन भी आधुनिक और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा. विद्यालय के शिक्षकों का मानना है कि यह प्रयोग छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी सोच का प्रमाण है. उन्होंने छात्रों के इस प्रयास को सराहनीय बताया और कहा कि इस तरह के प्रयोग भविष्य में समाज के लिए कई नई राहें खोल सकते हैं.