Moradabad E-Waste Action: मुरादाबाद में ई-वेस्ट के खिलाफ प्रशासन ‘अलर्ट मोड’ पर, प्रदूषण रोकने के लिए DM ने बनाईं टीमें, अवैध परिवहन पर लगेगी लगाम
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Moradabad E-Waste Action: मुरादाबाद में बढ़ते प्रदूषण और चिंताजनक AQI को देखते हुए जिलाधिकारी अनुज सिंह ने ई-वेस्ट (E-Waste) के अवैध कारोबार पर सख्त रुख अपनाया है. प्रशासन ने पुलिस, RTO और प्रदूषण विभाग की संयुक्त टीमें गठित कर ई-कचरे के अवैध परिवहन और निस्तारण को रोकने के निर्देश दिए हैं. रामगंगा तटीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित भट्टियों को बंद करने और कचरा जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. इस विशेष अभियान का उद्देश्य शहर को ज़हरीले धुएं से मुक्ति दिलाना और पर्यावरण की रक्षा करना है.
Moradabad E-Waste Action: उत्तर प्रदेश के ‘पीतल नगरी’ कहे जाने वाले मुरादाबाद जिले में अब ई-कचरे (E-Waste) के अवैध निस्तारण और बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ जिला प्रशासन ने निर्णायक जंग छेड़ दी है. शहर के चिंताजनक वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को देखते हुए जिलाधिकारी अनुज सिंह ने ई-वेस्ट के अवैध ट्रांसपोर्टेशन और इसे जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का लक्ष्य शहर को प्रदूषण मुक्त बनाना और रामगंगा नदी के अस्तित्व को बचाना है.
संयुक्त टीमों का गठन: पुलिस, RTO और वाणिज्य कर विभाग एक साथ
जिलाधिकारी अनुज सिंह ने News18 से खास बातचीत में बताया कि ई-कचरे के गलत तरीके से हो रहे निस्तारण पर काबू पाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है. इन टीमों में पुलिस प्रशासन, संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO), वाणिज्य कर विभाग और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को शामिल किया गया है. ये टीमें आपसी समन्वय से अवैध रूप से ई-वेस्ट ले जा रहे वाहनों की जांच करेंगी और भारी जुर्माना वसूलेंगी.
मुरादाबाद के रामगंगा नदी के तटीय क्षेत्रों जैसे भोजपुरी, लालबाग, नवाबपुरा, बरवाला और ताजपुर में लंबे समय से अवैध भट्टियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं. इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर ई-कचरा जलाया जाता है, जिससे निकलने वाला ज़हरीला धुआं शहर के प्रदूषण को खतरनाक स्तर तक ले जाता है. इन भट्टियों को ध्वस्त करने और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम (SDM) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश
डीएम ने कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी के उप-जिलाधिकारियों के साथ-साथ एसपी यातायात (SP Traffic) और वाणिज्य कर विभाग के अपर आयुक्त को ई-कचरे के परिवहन को रोकने के लिए चेक-पोस्ट और गश्त बढ़ाने को कहा है. जिलाधिकारी का मानना है कि ई-कचरे के स्रोत (Source) और ट्रांसपोर्ट चेन को तोड़कर ही इसके अवैध निस्तारण पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है.
जल्द सौंपी जाएगी फाइनल रिपोर्ट
प्रशासन द्वारा गठित टीमें वर्तमान में संवेदनशील इलाकों का सर्वे कर रही हैं. डीएम अनुज सिंह ने कहा, ‘हमारी टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. जल्द ही फाइनल रिपोर्ट (आख्या) उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर बड़े स्तर पर गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी.’ उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें ताकि शहरवासियों को स्वच्छ हवा मिल सके.