Noida News : पहले अधिग्रहण में गई जमीनें! अब बजबजाती नालियां, सड़कों पर बहता पानी, पाली गांव का हुआ बुरा हाल
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Noida News In Hindi : पाली गांव के लोगों की पहले तो ज़मीनें अधिग्रहित की गई और अब बचा-खुचा गांव भी बदहाल व्यवस्था की भेंट चढ़ गया है. जगह-जगह बजबजाती नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी और फैला कचरा पहचान बन चुकी है. ग्रामीणों की ज़िंदगी नरक जैसी हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक बेखबर बने हुए हैं
ग्रेटर नोएडा : पाली गांव की बुनियादी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. हालात यह हैं कि ग्रामीण महीनों से सीवर जाम, टूट चुकी नालियों, बदबूदार गंदे पानी, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और जगह-जगह पड़े कचरे के पहाड़ों से जूझ रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव हर दिन बदतर होता जा रहा है और अधिकारी उनके दर्द पर घोर लापरवाही की चादर ओढ़े बैठे हैं. फिर भी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से आई ताज़ा प्रतिक्रिया ने ग्रामीणों में थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई है.
ग्रामीण रंजीत बताते हैं कि पाली गांव में नाली और सीवर की समस्या सालों से बनी हुई है. नालियों की सफाई न होने से सड़कों पर पानी भरा रहता है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है. उनका कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और भी अधिक बिगड़ जाते हैं, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन देकर चुप बैठ जाते हैं. रंजीत ने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिसकी वजह से शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है. अंधेरा और खुली नालियां मिलकर रोज़ाना हादसों की आशंका बढ़ा रही हैं.
नहीं होता जमीनी काम
वहीं वेद भाटी ने बताया कि सीवर का पानी कई बार सड़कों पर बहने लगता है और बदबूदार वातावरण बन जाता है. नालियां ढकी नहीं होने के कारण गंदगी घरों तक पहुंचने लगती है. उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि गांव में लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटें भी अब तक चालू नहीं की गई हैं, जबकि ग्रामीण कई बार इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं. उनका कहना है कि अधिकारी सिर्फ दौरा करने का वादा करते हैं, लेकिन जमीनी काम होता नजर नहीं आता.
अधिग्रहण के बाद उपेक्षित हैं गांव
एक अन्य स्थानीय निवासी सुभाष भाटी ने बताया कि गांव में कचरे का ढेर हर जगह देखा जा सकता है और नालियां पूरी तरह चोक हैं. अगर सरकार गांवों को स्मार्ट बनाने की बात करती है, तो सबसे पहले ऐसे गांवों में आधारभूत सुविधाओं की बहाली की जानी चाहिए. सुभाष के अनुसार, गांव में वर्षों से कोई अधिकारी नियमित रूप से नहीं आता. चाहे वह स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी हो या प्रशासन का कोई उच्च अधिकारी. उनका कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद से गांव को लगभग उपेक्षित कर दिया गया है.
अधिकारी का रहे जांच की बात
इस बीच, ग्रामीणों की लगातार बढ़ती शिकायतों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी सफाई दी है. प्राधिकरण के महाप्रबंधक आर.के. भारती ने कहा कि क्षेत्र में लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है. अगर पाली गांव में नाली से संबंधित कोई भी समस्या है, तो उसकी जांच कर उसका निस्तारण किया जाएगा.
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मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें
मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें