PHOTO: अपनी उड़ान से पहचान रखता है ये प्रवासी पक्षी, हिमालय से भी ऊंचा है इसका हौसला
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Bar headed Goose: अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की आमद होने लगी है. वैसे तो हर प्रवासी पक्षी की अपनी अलग अलग विशेषताएं हैं. मगर एक प्रवासी पक्षी ऐसा भी है जो हिमालय से भी ऊंची उड़ान भरकर प्रवास के लिए आता है. यह पक्षी है बार हेडेड गूज, जो पूरी दुनिया में अपनी उड़ान के लिए जाना जाता है.
बार हेडेड गूज पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शीतकालीन प्रवासी पक्षी है. यह कुछ महीनों के लिए यही के इलाकों में रहता है. यह देखने में भले ही बत्तख जैसा सामान्य पक्षी होता है. मगर यह बेहद दुर्लभ और असाधारण प्रवासी पक्षी है. यह मुख्य रूप से तालाब या फिर अन्य दलदली इलाकों में देखा जाता है.

वैसे तो हर प्रवासी पक्षी अपने आप में बेहद खास होता है. लेकिन यह एक ऐसा पक्षी है जो अपनी ऊंची उड़ान के लिए जाना जाता है. इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड किया गया है कि है. हिमालय के ऊपर से उड़ान भरते हुए प्रवास के लिए आता है. कुछ रिपोर्टर्स के अनुसार तो इसे 8400 मीटर से भी अधिक की उड़ान पर उड़ते हुए देखा गया है.

यह न केवल ऊंची उड़ान भरता है बल्कि यह बहुत तेजी से ऊंचाई पर पहुंचने की क्षमता भी रखता है. यह पक्षी अक्सर समूह में प्रवास करते हैं और यह सी के आकार में उड़ते है. जिससे यह एक दूसरे की हवा की धारा का लाभ उठाते हुए प्रवास करते हैं. गौरतलाप है कि यह ऐसी ऊंचाइयों पर उड़ान भरता है. जहां समुद्र तल की तुलना में एक तिहाई ऑक्सीजन हवा में मौजूद होता है.

यह प्रमुख रूप से शाकाहारी होता है और अपने प्रजनन या फिर प्रवास के दौरान यह मुख्य रूप से घास बीज और चावल गेहूं जैसे अनाज खाता है. यह सांस लेने की क्षमता के लिहाज से भी काफी अधिक मजबूत होता है. ऊंची उड़ान भरने के लिए इनके पंखों का क्षेत्रफल भी उनके वजन के अनुपात में थोड़ा बड़ा होता है.

यह पक्षी इतना समझदार है कि यह है मौसम और समय का ध्यान रखते हुए प्रवास करता है. यह प्रवास के दौरान विशेष कर हिमालय को पार करने के लिए देर रात या फिर भोर का समय को चुनता है. गौरतलाप है कि रात की अपेक्षा दिन में हवाएं अधिक तेज होती हैं जो उनके प्रवास में व्यवधान उत्पन्न कर सकती हैं.