Pilibhit News : बाघों के गढ़ में कैसे बढ़ रहा इस शिकारी बिल्ली का कुनबा? मछलियां इसकी फेवरेट, तैरने में पानी से भी तेज

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Pilibhit News : बाघों के गढ़ में कैसे बढ़ रहा इस शिकारी बिल्ली का कुनबा? मछलियां इसकी फेवरेट, तैरने में पानी से भी तेज


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Pilibhit Tiger Reserve : 73,000 हेक्टेयर में फैला पीलीभीत टाइगर रिजर्व का विशाल जंगल अपने बाघों के लिए देश दुनिया में मशहूर रहा है. यहां पाई जाने वाली ये माहिर शिकारी हैं. इनका शरीर काफी मजबूत और लचीला होता है. पूंछ छोटी होती है, जो बड़े काम की है. तैरते समय पतवार का काम करती है. ये अक्सर मछलियों का शिकार करती देखी जाती हैं.

पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व को यहां के बाघों के लिए जाना जाता है. यहां बाघों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन बाघ के साथ दूसरी प्रजातियों के दुर्लभ वन्यजीवों की संख्या में भी वृद्धि देखने को मिल रही है, जो यहां की जैवविविधता का सूचक है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व 73,000 हेक्टेयर में फैला विशाल जंगल है. यह टाइगर रिजर्व अपने बाघों के लिए देश दुनिया में मशहूर रहा है. मगर बाघों के इतर यहां कई प्रजाति के दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. अगर बिल्ली प्रजाति की ही बात करें तो यहां पर 6 प्रजातियों की जंगली बिल्ली पाई जाती हैं. इनमें बाघ, तेंदुआ, जंगल कैट, लेपर्ड कैट, रस्टी स्पॉटेड कैट और फिशिंग कैट शामिल हैं.

इसलिए बढ़ रही संख्या

अगर फिशिंग कैट की बात करें तो नाम से ही स्पष्ट है कि इस बिल्ली का मछलियों से कुछ लेना-देना है. दूसरी बिल्लियों की तरह फिशिंग कैट भी माहिर शिकारी होती है. मगर मछली इसका सबसे पसंदीदा शिकार होती है. ऐसे में यह अक्सर मछलियों का शिकार करती देखी जाती है. यही कारण कि इसे फिशिंग कैट कहा जाता है. इसे अक्सर जल स्रोतों जैसे नदियों, तालाबों और नहरों के आसपास देखा जाता है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चूंकि नदियों और नहरों का विस्तृत नेटवर्क फैला है. इसलिए यहां फिशिंग कैट की अच्छी खासी आबादी देखने को मिलती है.

कितना कुनबा

अगर हाल के आंकड़ों को देखें तो फिशिंग कैट का कुनबा 107 के पार हो गया है. ये बिल्लियां घरेलू बिल्लियों से काफी अलग होती हैं. ये उनसे लगभग दोगुना बड़ी होती हैं और इनका शरीर काफी मजबूत और लचीला होता है. इनकी पूंछ भी छोटी होती है, जो इनके लिए बड़ी काम की होती है, क्योंकि जिसे ये बिल्लियां तैरते समय पतवार के रूप में इस्तेमाल करती हैं. इनका फर ग्रे कलर का होता है, जिस पर ब्लैक-ब्राउन कलर के धब्बे-धारियां होती हैं.

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu… और पढ़ें

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