Prayagraj News: जेल की जिंदगी से टूटे माफिया पुत्र की योगी से गुहार, “अब बचा लीजिए”, जानें पूरा मामला
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Mafia son’s plea: प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जिला कारागार शिफ्ट किए गए अतीक अहमद के बेटे अली अहमद ने पहुंचते ही गिड़गिड़ाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई- “जो हो गया सो हो गया, अब बचा लीजिए.” लंबे समय तक फरारी के बाद रंगदारी के मामले में सरेंडर कर जेल गए अली को अब हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है. सूत्रों के मुताबिक, वह मानसिक रूप से टूट चुका है और लगातार दबाव झेल रहा है.
प्रयागराज. माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को बुधवार को प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी जिला कारागार शिफ्ट किया गया. कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर तीन बजे जब अली अहमद झांसी जेल पहुंचा तो उसने गिड़गिड़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई, “जो हो गया सो हो गया, अब बस बचा लीजिए.” लंबे समय से जेल में बंद और लगातार कानूनी दबावों का सामना कर रहे अली अहमद के हावभाव से साफ था कि वह पूरी तरह टूट चुका है.
हाई सिक्योरिटी में शिफ्टिंग
अली अहमद को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल से भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच झांसी जेल शिफ्ट किया गया. पुलिस की गाड़ियों का काफिला उसे दोपहर बाद करीब तीन बजे झांसी जिला कारागार लेकर पहुंचा. जेल प्रशासन ने अली को सीधे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा है. अधिकारियों का कहना है कि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
टूट चुका है अली अहमद
झांसी जेल में प्रवेश करते ही अली अहमद ने भावुक होकर कहा, “जो हो गया सो हो गया, अब मत सताइए.” उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई कि उसे अब और परेशान न किया जाए. सूत्रों के अनुसार, फरारी और जेल की जिंदगी के बीच अली मानसिक रूप से बेहद दबाव में है और पिछले कुछ समय से टूट चुका है. उसका यह बयान उसकी मौजूदा स्थिति और डर को स्पष्ट करता है.
सरेंडर के बाद से जेल में
अली अहमद, पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन रहे अतीक अहमद का बेटा है. वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रहा था. प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वह फरार चल रहा था. लेकिन कानूनी दबाव बढ़ने और लगातार गिरफ्तारी की आशंकाओं के बीच उसने सरेंडर कर दिया. सरेंडर के बाद से ही उसे प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया था.
हाई प्रोफाइल बैकग्राउंड का दबाव
अली अहमद की मुश्किलें केवल आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं हैं. उसके पिता अतीक अहमद की माफिया छवि और कई चर्चित मामलों में संलिप्तता के कारण परिवार लगातार चर्चा में रहता है. अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद परिवार के कई सदस्य जेल में हैं. इस माहौल में अली अहमद पर भी दबाव लगातार बढ़ा है. यही वजह है कि शिफ्टिंग के दौरान उसका दर्द छलक पड़ा और उसने मुख्यमंत्री से सीधे गुहार लगा दी.
जेल प्रशासन की सतर्कता
झांसी जेल प्रशासन ने अली अहमद को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखने का निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है. अधिकारियों ने बताया कि अली अहमद के बैरक के पास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. साथ ही उसके मुलाकातियों पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जेल में उसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.