Public Opinion: ‘पेड़ की छाया चली गई…’ छन्नूलाल मिश्र के जाने से शिष्यों में शोक, बोले…’शब्दों में बयां नहीं कर सकते दुःख
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Clasical Singer Chhannu Lal Mishra News: पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायक पं. छन्नूलाल मिश्र के निधन से संगीत जगत शोक में डूब गया है. कजरी, चैती, फगुआ जैसे गीतों में महारत रखने वाले पं. मिश्र ने अपने जीवन में संगीत को पूरी तरह समर्पित किया. उनके जाने से शास्त्रीय संगीत के प्रेमियों और शिष्यों के लिए अपूरणीय क्षति हुई है. उनके व्यक्तित्व और संगीत की अमिट छाया सदैव याद रहेगी.
मिर्जापुर: भारतीय शास्त्रीय संगीत के धरोहर स्वरूप, पद्मश्री से सम्मानित पं. छन्नूलाल मिश्र का बीते गुरुवार को निधन हो गया है. कजरी, चैती, फगुआ और अन्य शास्त्रीय गीतों में अद्वितीय योगदान देने वाले पं. मिश्र ने भारतीय संगीत जगत में अमिट छाप छोड़ी है. उनका जाना सिर्फ एक कलाकार का नहीं बल्कि संगीत संस्कृति का एक बहुत बड़ा नुकसान है. उनके निधन पर मिर्जापुर के लोगों ने कहा कि वे महान व्यक्तित्व के धनी थे, जिन्होंने अपनी कला से हजारों शिष्यों को मार्गदर्शन दिया. उनका जाना अपूरणीय क्षति है और उनका संगीत सदैव जीवित रहेगा.
शिष्यों के लिए प्रेरणा स्रोत थे छन्नू लाल
राजेश श्रीवास्तव, जो पं. मिश्र के 12 से 15 साल पुराने शिष्य थे, बताते हैं कि वे एक सरल, ज्ञानी और विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे. वे चारों पटों के गहन जानकार थे और उनका संगीत आत्मा को स्पर्श करता था. पं. मिश्र हमेशा कहते थे कि संगीत एक महासागर है, जिसे पूरी तरह समझना असंभव है. उनका ज्ञान और साधना आज भी शिष्यों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी. उनका जाना केवल एक कलाकार का नहीं, बल्कि संगीत प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
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