Rampur News: एकीकृत बागवानी मिशन से किसानी कर पाएं मुनाफा, जानें कैसे मिलेगा अधिक मुनाफा
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Integrated Horticulture Mission: योजना किसानों के लिए सुनहरा अवसर है. इससे वे अपनी पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल, फूल, सब्जी, मसाला और प्रसंस्करण से जुड़कर आय के नए स्रोत बना सकते हैं. अनुदान और मुफ्त सुविधाओं के जरिए किसानों का बोझ कम होगा और वे आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को मुनाफे का सौदा बना सकेंगे.
रामपुर. उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें परंपरागत खेती से हटाकर आधुनिक व व्यावसायिक खेती की ओर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में “एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना” शुरू की गई है, जिससे रामपुर सहित पूरे प्रदेश के किसान लाभ उठा सकते हैं. इस योजना के तहत किसानों को बागवानी, ग्रीन हाउस, मशरूम उत्पादन, ट्रैक्टर, पावर ट्रिलर, कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाई तक पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. राजकीय उद्यान अधीक्षक अजय कुमार बताते हैं कि योजना का मूल उद्देश्य कम भूमि पर अधिक उत्पादन करना है. पहले किसान मुख्य रूप से गेहूं और धान जैसी परंपरागत फसलों पर निर्भर रहते थे. लेकिन अब सरकार उन्हें फल, फूल, सब्जी और मसालों जैसी बागवानी फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है. इससे किसान एक ही खेत से अलग-अलग फसलें लेकर बाजार की मांग के हिसाब से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
किसानों को मिल रही है अनुदान और मुफ्त सुविधा
योजना के तहत किसानों को मुफ्त में संकर शाकभाजी बीज, मसाला बीज, प्याज-लहसुन और फूलों के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके साथ ही आर्गेनिक खाद की किट भी दी जाती है. यदि कोई किसान पाली हाउस, प्याज भंडारण गृह, पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज या प्रिजर्वेशन यूनिट लगाना चाहता है तो सरकार उसकी लागत का आधा हिस्सा स्वयं वहन करती है. इसके अलावा 20 बीएचपी तक के ट्रैक्टर और पावर ट्रिलर खरीदने पर भी 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है.
पंजीकरण की प्रक्रिया
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और कृषि को लाभकारी बनाना है. सरकार चाहती है कि किसान केवल परंपरागत फसलों पर न रुकें बल्कि बाजार की जरूरतों के अनुसार बागवानी व नई फसलों की ओर आगे बढ़ें. इस कदम से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे.