Rampur News : रामपुर रियासत ने खोया अपनी तहजीब की एक पहचान, मेहरून्निसा बेगम का अमेरिका में निधन, जानें कौन थी नवाबजादी

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Rampur News : रामपुर रियासत ने खोया अपनी तहजीब की एक पहचान, मेहरून्निसा बेगम का अमेरिका में निधन, जानें कौन थी नवाबजादी


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Ramanpur Latest News : रामपुर रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां की बेटी नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का 92 वर्ष की आयु में अमेरिका के वॉशिंगटन डी.सी. में निधन हो गया. उन्होंने 28 अक्टूबर को अंतिम सांस ली और 29 अक्टूबर को वहीं सुपुर्दे-खाक कर दिया गया. उनके निधन से रामपुर का शाही परिवार और शहर के लोग गमगीन हैं.

रामपुर रियासत की नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का अमेरिका में निधन, शाही परिवार में

रामपुर. नवाब रजा अली खां की पुत्री नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम के निधन की खबर से शाही परिवार में गहरा शोक छा गया है. नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. परिवार और शहर दोनों ने उन्हें एक सादगीपूर्ण और तहजीबदार शख्सियत के रूप में याद किया. इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) रुहेलखंड चैप्टर के सह-संयोजक काशिफ खां के अनुसार, नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का जन्म 24 जनवरी 1933 को रामपुर में हुआ था. उनकी माता नवाब रजा अली खां की तीसरी पत्नी तलअत ज़मानी बेगम थीं. उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मसूरी और लखनऊ से प्राप्त की.

दो विवाह, दोनों देशों की संस्कृति से जुड़ी रहीं

मेहरून्निसा बेगम के जीवन में दो विवाह हुए. पहला भारतीय सिविल सेवा से जुड़े सैयद तकी नकी से और दूसरा पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल अब्दुर्रहीम खां से हुआ. अब्दुर्रहीम खां पाकिस्तान वायुसेना के प्रमुख रहे और बाद में स्पेन में पाकिस्तान के राजदूत के रूप में कार्यरत रहे. इस प्रकार नवाबजादी का जीवन भारत और पाकिस्तान दोनों की संस्कृतियों से गहराई से जुड़ा रहा.

अमेरिका में भाषा और संस्कृति की दूत बनीं

सन 1977 में वह अमेरिका चली गईं, जहां उन्होंने इंटरनेशनल सेंटर फॉर लैंग्वेज स्टडीज में उर्दू और हिंदी की शिक्षिका के रूप में कार्य किया. उन्होंने भारतीय संस्कृति और भाषा को विदेशों में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वह सादगी, शालीनता और अपनापन के लिए जानी जाती थीं. उन्होंने हमेशा अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखा और रामपुर की तहजीब को विदेशों में भी जिंदा रखा.

परिवार और उत्तराधिकार

परिवार में उनके बेटे ज़ैन नकी और दो बेटियां ज़ेबा हुसैन व मरयम खां हैं. एक बेटे आबिद खां का पहले ही निधन हो चुका है. अमेरिका में उनके बेटे नकी ने उनके अंतिम समय तक देखभाल की. नवाब रजा अली खां के तीनों पुत्र, नवाबजादा मुर्तजा अली खां, नवाबजादा जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां और नवाबजादा आबिद अली खां उर्फ सलीम मियांं, अब इस दुनिया में नहीं हैं. छह बेटियों में नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम दूसरे नंबर की थीं.

रामपुर ने कहा- यह एक युग का अंत

रामपुर के लोगों ने नवाबजादी के निधन को एक युग का अंत बताया. पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने कहा कि नवाबजादी मेहरून्निसा बेगम का जाना न केवल परिवार के लिए बल्कि रामपुर की तहजीब के लिए भी बड़ी क्षति है. शहर के कई लोगों ने उन्हें सादगी, तमीज और अदब की मिसाल बताया. उनकी यादें हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी.

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रामपुर रियासत ने खोया अपनी तहजीब की एक पहचान, मेहरून्निसा बेगम का निधन



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