Road Safety : ‘काहे भागे ल मर्दे! अरे लहुरा देवरवा…’, वायरल हो रहा बलिया का ये ट्रैफिक इंस्पेक्टर, अंदाज का हर कोई फैन, बांट चुके हजारों हेलमेट
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Viral Traffic Inspector Rudra Pratap Mall : बलिया के इस वायरल ट्रैफिक इंस्पेक्टर का वीडियो लाखों में देखा जाता है. आपने भी देखा होगा. अपने अनोखे अंदाजा के लिए ये इंटरनेट सनसनी हैं. सड़क हादसों को रोकने के लिए जहां ज्यादातर जगहों पर चालान ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है, ट्रैफिक इंस्पेक्टर रुद्र प्रताप मल्ल ने दूसरा रास्ता अपनाया. बिना हेलमेट सड़क पर चल रहे लोगों को पकड़कर वह पहले जुर्माना नहीं, बल्कि जीवन का महत्त्व बताते हैं. जरूरतमंद को फ्री में हेलमेट भी देते हैं. कई राज्यों के ड्राइवर खासतौर पर इनसे मिलने के लिए रुकते हैं. इंस्पेक्टर मल्ल उनसे हाथ मिलाते हैं, चॉकलेट देते हैं और मुस्कुराहट के साथ विदा करते हैं. इंस्पेक्टर मल्ल आम ट्रैफिक इंस्पेक्टरों से इतने क्यों अलग हैं, आइये जानते हैं.
बलिया. तुझे और क्या दूं मैं दिल के सिवा, तुमको हमारी नजर लग जाए…कुछ यूंही मजाकिया स्टाइल में शुरू होती है बलिया के वायरल ट्रैफिक इंस्पेक्टर की कहानी. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जहां ज्यादातर जगहों पर चालान ही सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है, बलिया में तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर रुद्र प्रताप मल्ल ने जागरूकता को अपना हथियार बना लिया है. बिना हेलमेट सड़क पर चल रहे लोगों को पकड़कर वह पहले जुर्माना नहीं, बल्कि जीवन का महत्त्व बताते हैं. जरूरतमंद को फ्री में हेलमेट देते हैं. गुलाब का फूल और टॉफी भी देते हैं. मनजीत कुमार बिना हेलमेट चौराहे से गुजर रहे थे, तभी TSI रुद्र की नजर पड़ी. उन्होंने मनजीत को रोका, हेलमेट न पहनने से होने वाले नुकसान बताए और अपनी तरफ से हेलमेट भी पहनाया. यहीं नहीं, ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में पूरी जानकारी दी. बताया कि लर्निंग लाइसेंस के लिए साइबर कैफे से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है. एक महीने बाद, छह महीने के भीतर RTO जाकर बायोमेट्रिक से परमानेंट लाइसेंस बन जाता है.
एक टेप, 10 हजार जुर्माना
बातचीत के दौरान TSI रुद्र ने कमर्शियल वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप की अहमियत भी समझाई. उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यावसायिक वाहन पर रिफ्लेक्टिव टेप नहीं लगा है, तो ₹10,000 तक का जुर्माना हो सकता है. सर्दी और कोहरे में जब किसी वाहन की लाइट इस टेप पर पड़ती है, तो वह रिफ्लेक्ट होकर सामने वाले को संकेत देती है, जिससे दुर्घटना से बचाव होता है. ठंड के मौसम में सड़क पर दो ही नियम हैं- ‘हमें दिखने के साथ, सामने वाले को दिखना भी चाहिए’.
वीडियो से तगड़ी कमाई
भोजपुरियां अंदाज, देवर-भाभी और लहुरा-देवरवा जैसे मजाकिया संबोधन में समझाने वाले TSI रुद्र प्रताप मल्ल के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं. उनकी हर वीडियो लाखों में देखी जाती हैं. इससे जो भी कमाई होती है, उसका हेलमेट वाहन चालकों में बांट देते हैं. ओडिशा और नागालैंड समेत कई राज्यों के ड्राइवर खासतौर पर इनसे मिलने के लिए जरूर रुकते हैं. वे उनसे हाथ मिलाते हैं, चॉकलेट देते हैं और मुस्कान के साथ विदा करते हैं.
क्यों करते हैं ऐसा
TSI रुद्र प्रताप मल्ल कहते हैं कि वे खुद तीन बार सड़क हादसे का शिकार हो चुके हैं. आखिरी एक्सीडेंट में हेलमेट ने ही उनकी जान बचाई. भले ही कंधा उखड़ गया और एक महीने अस्पताल में रहना पड़ा. हेलमेट की देन है कि आज उनका इंटरव्यू local 18 कर रहा है. यही वजह है कि अब तक करीब 2000 हेलमेट बांट चुके हैं. उनका साफ कहना है कि अगर उनकी वजह से एक भी जान बच जाए, तो यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें