Sambhal Masjid Demolished News: संभल में आज भी मस्जिद कमेटी खुद तोड़गी अवैध इमारत, बचे हैं बस 3 दिन, जानें सबकुछ
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Sambhal Masjid Demolished News and Updates in Hindi: संभल में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को हटाने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई जारी है. चार बुलडोजर की मदद से मैरिज हॉल और मदरसे को धराशाई कर दिया गया है. जबकि मस्जिद को 3 दिन के अंदर अंदर गिराना है.
संभल: उत्तर प्रदेश में लगातार अवैध निर्माण पर बुलडोजर का कहर बरप रहा है. पहले धरमपुरा मस्जिद फिर अब संभल के रायाबुजुर्ग गांव में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तिकरण कार्रवाई जारी है. बीते दिन यानी 2 अक्टूबर को मैरिज हॉल और मदरसे को जमींदोज कर दिया गया है. वहीं अवैध मस्जिद पर भी कार्रवाई होनी थी. इस पर मस्जिद कमेटी ने खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया. आज भी दूसरे दिन यह कार्रवाई जारी रहेगी.
दरअसल, मस्जिद के माली ने अवैध ढांचे को चार दिन में खुद गिराने का वादा किया है. अब कार्रवाई के लिए तीन दिन बचे हैं. ये मस्जिद पांच सौ स्क्वायर मीटर इलाके में बनी है. नोटिस जारी करने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार को मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान मौके भरी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही. जिला प्रशासन के अनुसार, यह मस्जिद और मदरसा लगभग 10 साल पहले सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के बनाया गया था. भूमि का सर्वेक्षण करने पर यह पाया गया कि यह जमीन ग्राम सभा की है, जिस पर कोई भी निजी निर्माण वैध नहीं है.
30 दिन पहले ही दिया गया था नोटिस
संभल एसपी केके बिश्नोई ने बताया, प्रशासन की ओर से मस्जिद कमेटी को 30 दिनों का समय दिया गया था. 30 दिन बाद भी जब इनके द्वारा इसे नहीं तोड़ा गया तो प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया कि इसे स्वयं तोड़ा जाएगा. यह एक अवैध निर्माण था. उन्होंने कहा कि इन्हें मस्जिद हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था. लेकिन, अब तक इसे नहीं हटाया गया. यहां पुलिस की पूरी व्यवस्था है. पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है. यह काफी बड़ा क्षेत्र है. इस जगह का निर्माण कई बीघा जमीन पर किया गया था. गांव में शांति व्यवस्था कायम है.
इलाका बना छावनी
जिला प्रशासन की ओर से मस्जिद को हटाने की तैयारी कर ली गई है. आसपास का इलाका पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है. मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है. पीएसी जवानों के साथ कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है. इससे पहले पुलिस की ओर से फ़्लैग मार्च भी किया गया था.