SDM Story: कौन हैं ये एसडीएम, जिन्होंने शिक्षा अधिकारी को कराया अरेस्ट, UPPSC PCS में थी 13वीं रैंक
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SDM Story, UPPSC PCS: उत्तर प्रदेश के एक एसडीएम इन दिनों काफी चर्चा में हैं. मेरठ में कार्यरत इस एसडीएम ने एक खंड शिक्षा अधिकारी को इसलिए अरेस्ट करा दिया कि वह बिना बताए छुट्टी पर गए थे.जिसके बाद यह घटना सुर्खियों में है.आइए जानते हैं कि ये एसडीएम कौन हैं और उन्होंने कब यूपीपीएससी पीसीएस (UPPSC PCS) की परीक्षा पास की थी?
SDM Story, UPPSC PCS: उत्तर प्रदेश के मेरठ के एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बिना सूचना और बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित रहने वाले खंड शिक्षा अधिकारी को पुलिस से गिरफ्तार करा दिया जिसके बाद यह घटना काफी चर्चा में है. खंड शिक्षा अधिकारी को 3 घंटे तक पुलिस कस्टडी में रखा गया जिसके बाद प्रशासनिक गलियारों में हडकंप मचा हुआ है.लोग ये जानना चाहते हैं कि ये अधिकारी कौन हैं और भला उन्होंने अपने ही एक अधिकारी को क्यों अरेस्ट कराया?
Who is Udit Narayan Sengar SDM: कौन हैं उदित नारायण सेंगर?
मेरठ में कार्यरत उदित नारायण सेंगर उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (PCS) के 2021 बैच के अधिकारी हैं. उनका जन्म 12 जनवरी 1993 को लखनऊ में हुआ यानी वह उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं. उन्होंने UPPSC PCS परीक्षा 2019 में रैंक 13 हासिल की थी. उदित नारायण की नियुक्ति 3 अगस्त 2021 को PCS में हुई.इनकी पहली पोस्टिंग बदायूं में डिप्टी कलेक्टर के रूप में 3 अगस्त 2021 से 24 जून 2022 तक हुई.इसके बाद उनका तबादला उन्नाव के लिए हुआ जहां वह 25 जून 2022 से 22 मई 2025 तक डिप्टी कलेक्टर रहे.वर्तमान में वह 23 मई 2025 से मेरठ में डिप्टी कलेक्टर/एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं.उदित नारायण सेंगर प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन और सख्त निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं. इसी के तहत यह घटना सामने आई है.
क्या है पूरी घटना?
मेरठ के खंड तीन के खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना को वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में एडिशनल एलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. उन्हें SIR से जुड़े नोटिस मामलों की समयबद्ध सुनवाई करनी थी और रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन शनिवार से वे बिना किसी सूचना दिए अनुपस्थित रहे. फोन भी नहीं उठाए. इससे तहसील सभागार में सुनवाई नहीं हो सकी. मतदाताओं को परेशानी हुई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ.एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने इसे सरकारी कार्य में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना. उन्होंने पुलिस में तहरीर दी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर अधिकारी को गिरफ्तार किया. उन्हें थाने लाया गया. 3 घंटे कस्टडी में रखा गया, मेडिकल जांच कराई गई और फिर रिहा किया गया.अस्थाना ने अपना पक्ष रखा कि उनकी और पत्नी की तबीयत खराब थी इसलिए वह लखनऊ चले गए थे. उन्होंने छुट्टी का आवेदन दिया था लेकिन वह स्वीकृत नहीं हुआ. फोन पर वापस बुलाने की कोशिश हुई, लेकिन वे नहीं आए और आज ही लौटे.
एसडीएम का सख्त रुख और आगे की कार्रवाई
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मामले की जांच और विभागीय कार्रवाई के लिए उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को पत्र जारी किया है. SIR नोटिस सुनवाई की जिम्मेदारी अब नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को सौंपी गई है ताकि मतदाता पुनरीक्षण का काम तय समय पर पूरा हो सके.ये घटना उत्तर प्रदेश प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है.एसडीएम उदित नारायण सेंगर की इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है.
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