‘SIR को लेकर इतना दबाव डाला कि उनकी जान…’, बरेली में BLO की मौत पर मातम, परिवार ने लगाया आरोप
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Bareilly News: सर्वेश गंगवार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. दो महीने पहले ही उनकी पत्नी का भी कैंसर से निधन हो गया था. उनके दो छोटे जुड़वां बच्चे (पांच साल के) अनाथ हो गए हैं. दरअसल परिजनों का आरोप है कि SIR के दबाव को लेकर सर्वेश के साथ ऐसी घटना घटी.
बरेली: बूथ लेवल ऑफिसर संतोष कुमार गंगवार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी, जिसकी चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है. बुधवार (26 नवंबर, 2025) को वह भोजीपुरा ब्लॉक के परधौली गांव में स्कूल में ड्यूटी के दौरान फॉर्म वितरण और सर्वे का काम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें सीने में तेज दर्द और घबराहट हुई. साथ मौजूद कर्मचारी उन्हें तुरंत मिनी बाईपास स्थित प्रताप अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
संतोष कुमार गंगवार की मृत्यु का कारण मानसिक दबाव भी बताया जा रहा है. उनकी पत्नी की 2 महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो गई थी. वर्कलोड और टारगेट ना पूरा होने के कारण वह परेशान रहते थे और काम करने में भी उन्हें दिक्कत हो रही थी, जिसके चलते हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई और घर में मातम का माहौल बना हुआ है. उनके दो बच्चे भी अनाथ हो गए हैं.
परिजनों का आरोप, SIR का दबाव
सर्वेश गंगवार के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. दो महीने पहले ही उनकी पत्नी का भी कैंसर से निधन हो गया था. उनके दो छोटे जुड़वां बच्चे (पांच साल के) अनाथ हो गए हैं, जिसकी देख-रेख अब कौन करेगा, यह भी एक बड़ा सवाल है. मृतक के भाई योगेश गंगवार और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि सर्वेश पर SIR (Special Intensive Revision-मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) के काम का बहुत अधिक मानसिक दबाव था.
परिजनों का कहना है कि काम के बोझ और अधिकारियों की डांट-फटकार ने उनकी जान ले ली. बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और अन्य अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुपरवाइजर की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
जिला प्रशासन मदद के लिए आगे
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि बीएलओ सर्वेश की मौत हार्ट अटैक से हुई है. उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है. उनके आश्रितों को सरकारी प्रावधान के मुताबिक लाभ दिया जाएगा. उनके बच्चों के लिए जितना भी हो सकेगा, जिला प्रशासन अपने स्तर से भी मदद करेगा. सर्वेश का निर्वाचन कार्य जिले और प्रदेश स्तर पर अच्छा था. चार दिन पहले उनके काम की प्रशंसा भी हुई थी.
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.