SIR फॉर्म भरने में तेजी, लेकिन बहुओं के मायके के रिकॉर्ड ने अटकाया काम, अब तक 61% फॉर्म डिजिटलाइज
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Ballia SIR News : जिले में SIR (Special Integrated Revision) के तहत मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म भरने का काम तेजी से जारी है. बूथ स्तर अधिकारी (BLO) घर–घर जाकर मतदाताओं को सही जानकारी भरने के लिए जागरूक कर रहे हैं. खासतौर पर विवाहित महिलाओं के फॉर्म में अधिक दिक्कतें आने के कारण अधिकारियों को पुराने रिकार्ड से डेटा खोजकर सत्यापन करना पड़ रहा है.
बलिया: जिले में मतदाता सूची के अद्यतन और मिलान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. जिले भर में BLO घर–घर जाकर मतदाताओं को SIR फॉर्म भरवा रहे हैं. जिला प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर फॉर्म भरे जा चुके हैं और केवल कुछ ही शेष हैं. इसके बाद सभी फॉर्म डिजिटलाइज कर दिए जाएंगे. SIR फॉर्म में तीन प्रमुख कॉलम हैं, जिनमें मतदाता को जन्मतिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, माता-पिता तथा पति/पत्नी का नाम भरना अनिवार्य है. यदि EPIC नंबर उपलब्ध न हो तो भी फॉर्म भरा जा सकता है. BLO आवश्यक जानकारी को जांचकर फॉर्म ऑनलाइन अपलोड कर रहे हैं.
विवाहित महिलाओं के फॉर्म में सबसे अधिक दिक्कत
BLOs के अनुसार सबसे बड़ी समस्या उन विवाहित महिलाओं के फॉर्म में आती है, जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट में मायके के पते पर दर्ज था. शादी के बाद वे ससुराल आ गई हैं, लेकिन फॉर्म मिलान के लिए पुराने रिकॉर्ड की आवश्यकता पड़ती है. इस कारण BLO को 2003 की लिस्ट में उनके मायके का बूथ नंबर, विधानसभा और क्रम संख्या खोजनी पड़ती है, जिससे सत्यापन में थोड़ा समय लग जाता है. हालांकि ADM के अनुसार, हर महिला को फॉर्म उपलब्ध करा दिया गया है.
OTP को लेकर चेतावनी: किसी को न बताएं अपना कोड
ग्रामसभा जीराबस्ती के BLO रमेश कुमार यादव ने बताया कि कई लोग OTP को लेकर भ्रमित हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि: OTP केवल मतदाता के मोबाइल पर आता है. इसे किसी BLO या अन्य व्यक्ति को नहीं बताना है. OTP केवल लॉगिन के लिए मतदाता खुद उपयोग करेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि OTP साझा करने से ठगी होने का खतरा बढ़ जाता है.
61% फॉर्म डिजिटलाइज, 2003 की सूची मोबाइल पर उपलब्ध
अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि 2003 और 2025 की मतदाता सूची के आधार पर मैपिंग का कार्य तेज़ी से चल रहा है.
स्थिति कुछ इस प्रकार है:
61% फॉर्म डिजिटल रूप में अपलोड हो चुके हैं. नई सूची में जोड़ने हेतु 2003 की वोटर लिस्ट से पिता/अभिभावक के नाम मिलान किए जा रहे हैं. 2003 की वोटर लिस्ट अब मोबाइल पर भी उपलब्ध है. कोई भी मतदाता voters.eci.gov.in पर जाकर अपना रिकॉर्ड देख सकता है. ADM ने यह भी कहा कि बड़े शहरों के मुकाबले बलिया में डेटा मिलान आसान है क्योंकि यहां जनसंख्या स्थिर है और अधिकांश परिवार वर्षों से एक ही स्थान पर रह रहे हैं.
4 दिसंबर तक पूरा होगा काम, अधिकारी लगातार कर रहे निगरानी
ADM के अनुसार, पूरे जिले में अभियान समयबद्ध तरीके से चल रहा है और लक्ष्य है कि 4 दिसंबर तक सभी फॉर्म भरने, मैपिंग और डिजिटलाइजेशन का काम पूरा कर लिया जाए. जिला प्रशासन और BLO लगातार फील्ड में जाकर निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी मतदाता की जानकारी छूट न पाए.