Success Story : रायबरेली के इस किसान ने मॉर्डन ट्रिक से उगाई शिमला मिर्च, नौकरी नहीं लगी, अब उससे ज्यादा कमा रहा

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Success Story : रायबरेली के इस किसान ने मॉर्डन ट्रिक से उगाई शिमला मिर्च, नौकरी नहीं लगी, अब उससे ज्यादा कमा रहा


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Success Story Raebareli Farmer : बाराबंकी के किसान नवीन मौर्य शिमला मिर्च की खेती मल्चिंग विधि से करते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए वे कहते हैं कि ये एक ऐसी तकनीक है, जिसमें फसल को सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है. मिट्टी से वाष्पीकरण कम होता है. रोग लगने का खतरा कम रहता है. सब्जियों की खेती से उन्हें सालाना 6 लाख रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है. नवीन मौर्य किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कृषि में परास्नातक किया है.

हौसले बुलंद हो तो मंजिल खुद मिल ही जाती है…ये पंक्तियां यूपी के रायबरेली जिले में रहने वाले नवीन मौर्य पर बिल्कुल सटीक बैठती है. उन्होंने अपनी कठिन मेहनत के बल पर वह कर दिखाया, जो उतना आसान नहीं.

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नवीन मौर्य किसान परिवार से आते हैं. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कृषि विषय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद काफी समय तक सरकारी नौकरी की तलाश में मेहनत भी किया. शायद उनकी किस्मत में सरकारी नौकरी नहीं थी. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने हुनर का उपयोग करते हुए खेती किसानी में जुड़ गए. फिर क्या था खेती किसानी में कठिन परिश्रम करते हुए उन्होंने एक नया मुकाम हासिल किया. जो आज के युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है.

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नवीन कुमार अपनी पुश्तैनी जमीन पर परंपरागत फसलों धान-गेहूं की खेती न करके उद्यानिक फसलों को चुना. वे अधिकतर मौसमी फसलों की खेती करते हैं. जिनकी मौसम के अनुसार बाजारों में मांग बनी रहती है, ताकि उन्हें अधिक मुनाफा मिल सके.

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नवीन कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2017 में कृषि विज्ञान विषय से लखनऊ विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद लगातार 5 वर्ष तक सरकारी नौकरी के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं दी लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी. इसके बाद उन्होंने अपने हुनर का प्रयोग करते हुए अपनी पुश्तैनी जमीन पर उद्यानिक फसलों फूलगोभी पत्ता गोभी, टमाटर और केला की खेती शुरू कर दी. अब वह अच्छी कमाई कर रहे हैं.

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नवीन बताते हैं कि वे मौसम के अनुरूप यानी जिन सब्जियों के बाजारों में मांग अधिक होती है, उन्हीं फसलों की वे खेती करते हैं. वे अपनी चार एकड़ जमीन पर विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती करते हैं.

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नवीन कुमार के मुताबिक, वर्तमान समय में वह 10 बिस्वा जमीन पर शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं. वह बताते हैं कि खेतों में तैयार शिमला मिर्च को बाराबंकी और रायबरेली जिले की कृषि मंडियों में बिक्री करते हैं. जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल जाता है. सब्जियों की खेती से उन्हें सालाना 5 से 6 लाख रुपये की आसानी से कमाई हो जाती है.

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नवीन अपने घर पर ही रहने के साथ स्वयं के मालिक हैं. उन्हें किसी के अधीनस्थ होकर काम भी नहीं करना पड़ता है. 10 बिस्वा जमीन पर शिमला मिर्च की खेती में लगभग 50 से 60 हजार रुपये की लागत आई है. लागत के सापेक्ष मुनाफा भी अच्छा है.

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नवीन कुमार बताते हैं कि वे शिमला मिर्च की खेती मल्चिंग विधि से करते हैं क्योंकि यह ऐसी तकनीक है. इसमें फसल को सिंचाई की जरूरत कम पड़ती है. मिट्टी से वाष्पीकरण कम होता है, फल सब्जियां मिट्टी के संपर्क में नहीं आती हैं. इससे उनमें रोग और कीट लगने का खतरा भी कम रहता है. यह एक आधुनिक मॉडर्न फार्मिंग है.

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