Sultanpur News : एसआईआर फॉर्म को लेकर बढ़ी उलझन, जानिए कैसे भरें ताकि न कटे वोटर लिस्ट से नाम

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Sultanpur News : एसआईआर फॉर्म को लेकर बढ़ी उलझन, जानिए कैसे भरें ताकि न कटे वोटर लिस्ट से नाम


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Sultanpur Latest News : बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में इसे लागू कर दिया है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन मतदाताओं को फिर से पंजीकृत करना है जो बूथ स्तर अधिकारियों की घर-घर सत्यापन के दौरान छूट गए थे. लेकिन लोगों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि फॉर्म कैसे भरें ताकि नाम वोटर लिस्ट से न कटे.

सुल्‍तानपुर: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष सारांश पुनरीक्षण यानी एस.आई.आर. प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है. कई राज्यों में पाया गया कि घर-घर सर्वे के दौरान कई पात्र मतदाता पंजीकरण से छूट गए. इसी कमी को दूर करने के लिए आयोग ने 12 राज्यों में दोबारा यह प्रक्रिया शुरू की है. उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मतदाताओं को यह फॉर्म भरने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग यह समझ ही नहीं पा रहे कि फॉर्म कैसे सही तरीके से भरा जाए.

फार्म का नहीं है कोई नकारात्‍मक प्रभाव

सुल्तानपुर के आरडीह गांव में एसआईआर प्रक्रिया संपन्न करा रहे बीएलओ शैलेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि इस फॉर्म में कई महत्वपूर्ण कॉलम होते हैं जिनका सही भरना बेहद जरूरी है. सबसे पहले आवेदक को अपनी जन्मतिथि भरनी होती है. इसके बाद आधार संख्या, माता-पिता या अभिभावक का नाम दर्ज करना है. यदि व्यक्ति विवाहित है तो पति या पत्नी का नाम भी भरना होगा. ईपीआईसी नंबर यानी वोटर कार्ड संख्या वैकल्पिक है, यानी उपलब्ध न होने पर यह कॉलम छूट भी सकता है. अधिकारी बताते हैं कि कई लोग इस कॉलम को लेकर भ्रमित रहते हैं, लेकिन इसका फॉर्म पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता.

फार्म में होते हैं आवेदक के हस्‍ताक्षर

फॉर्म का दूसरा हिस्सा पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से जुड़ा होता है. यहां आपको पहले से मौजूद विवरण भरना होता है, जैसे निर्वाचक का नाम, ईपीआईसी नंबर (यदि उपलब्ध हो), संबंधी का नाम, जिला, राज्य और विधानसभा क्षेत्र का नाम. यह कॉलम इसलिए रखा गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आवेदक पहले से सूची में था या नहीं. फॉर्म की अंतिम पंक्ति में आवेदक को अपने हस्ताक्षर करने होते हैं, जिससे यह प्रमाणित होता है कि उसने दी गई जानकारी स्वयं भरी है और यह पूरी तरह सही है.

किसी प्रकार के दस्‍तवेज जमा नहीं करने 

बीएलओ शैलेंद्र वर्मा बताते हैं कि अभी निर्वाचन आयोग की ओर से किसी भी प्रकार के दस्तावेज जमा करने के निर्देश नहीं हैं. यानी फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर ही सत्यापन किया जाएगा. यदि किसी व्यक्ति को फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आती है तो वह अपने बूथ स्तर अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकता है. बीएलओ का काम ही मतदाताओं को सही जानकारी देकर प्रक्रिया पूरी कराना है. इसलिए किसी भी कॉलम को लेकर भ्रम होने पर गांव के बीएलओ से पूछना ही सबसे सही तरीका है.

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