Tulsi Plant: कोहरा, पाला और ठंड…फिर भी तुलसी का पौधा रहेगा हरा-भरा! बस जड़ों में डाल दीजिए ये कमाल का लिक्विड
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Tulsi Plant Care in Winter: जनवरी के महीने में तुलसी के पौधे को खास देखभाल की जरूरत होती है. ठंड, पाला, कोहरा और शीतलहर इस समय पौधे को जल्दी नुकसान पहुंचा सकते हैं. सही जगह पर धूप दिलाना, रात में ठंड से बचाव करना, पानी देने में सावधानी रखना और मिट्टी की सही देखभाल करना बहुत जरूरी होता है. अगर सर्दियों में इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो तुलसी का पौधा हरा-भरा, मजबूत और स्वस्थ बना रहता है.
जनवरी के महीने में तुलसी के पौधे को सबसे ज्यादा जरूरत धूप की होती है. इस समय ठंड, पाला और शीतलहर पौधे को जल्दी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए तुलसी के गमले को ऐसी जगह रखना जरूरी होता है, जहां उसे दिन भर अच्छी धूप मिल सके. रात के समय गमले को खुले में छोड़ने के बजाय किसी ढके हुए स्थान, बरामदे या छत के कोने में रखने से पौधा ठंड की सीधी मार से बचा रहता है. इससे पत्तियां काली नहीं पड़तीं और पौधा कमजोर होने से बचता है.

गार्डेनिंग एक्सपर्ट मो. आलम ने बताया कि कोहरे वाले दिनों में तुलसी के पौधे को अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत होती है. शाम के समय पौधे को हल्के लाल सूती कपड़े या चुनरी से ढकना फायदेमंद माना जाता है. कपड़ा हल्का होना चाहिए ताकि हवा आती रहे. सुबह धूप निकलते ही कपड़ा हटा देना जरूरी होता है. इससे पौधे के आसपास हल्की गर्माहट बनी रहती है और कोहरे का असर कम होता है.

ठंड के मौसम में तुलसी को बहुत कम पानी की जरूरत पड़ती है. गमले की मिट्टी की ऊपरी परत पूरी तरह सूखने के बाद ही पानी देना सही माना जाता है. जरूरत पड़ने पर हल्का गुनगुना पानी देना बेहतर रहता है. ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. कोहरे के दिनों में पत्तियों पर सीधे पानी डालने या छिड़काव करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
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पौधे को स्वस्थ रखने के लिए महीने में एक बार गमले की मिट्टी की हल्की गुड़ाई करना जरूरी होता है. इससे जड़ों तक हवा पहुंचती है और पौधा मजबूत रहता है. सीमित मात्रा में सड़ी हुई गोबर की खाद डालना फायदेमंद माना जाता है. रासायनिक खाद से दूरी रखना बेहतर होता है. पारंपरिक तौर पर कच्चे दूध को पानी में मिलाकर जड़ों में देना भी मिट्टी की ताकत बनाए रखने में मदद करता है.

तुलसी पर आने वाली मंजरी पौधे की ऊर्जा को खींच लेती है. ठंड के मौसम में इससे पौधा जल्दी कमजोर पड़ सकता है. इसलिए जनवरी में जैसे ही मंजरी दिखाई दे, उसे सावधानी से काटकर हटा देना चाहिए. इससे पौधे की ऊर्जा पत्तियों और तने को मजबूत करने में लगती है और तुलसी ठंड से बेहतर तरीके से मुकाबला कर पाती है.

कोहरे और नमी के कारण जनवरी में तुलसी पर कीड़े और फफूंद लगने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे में मिट्टी और पत्तियों पर हल्दी का हल्का पाउडर डालना लाभकारी माना जाता है. हल्दी प्राकृतिक एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है. इसके साथ ही नीम के तेल का हल्का स्प्रे करने से कीट दूर रहते हैं और पौधा सुरक्षित रहता है.