UGC के नए नियमों को लेकर सुल्तानपुर के छात्रों में नाराजगी, कहा- बढ़ेंगी दूरी

0
UGC के नए नियमों को लेकर सुल्तानपुर के छात्रों में नाराजगी, कहा- बढ़ेंगी दूरी


Last Updated:

यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सामान्य वर्ग के छात्रों में रोष है. उनका कहना है कि यह नए नियम हमारी भावनाओं के खिलाफ हैं. शिक्षण संस्थान एक मंदिर की तरह होते हैं जहां पर सभी वर्ग के छात्र-छात्राएं साथ में बैठकर पढ़ाई करते हैं , खाते पीते हैं अपने स्किल्स पर काम करते हैं, लेकिन इन नियमों के चलते उनके बीच में दूरियां बढ़ जाएगी

ख़बरें फटाफट

सुल्तानपुर: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के ऊपर सरकार द्वारा लाए गए नए कानून को लेकर जहां एक तरफ ओबीसी वर्ग में समानता और उनके साथ न्याय की बात कही जा रही है. वहीं सामान्य वर्ग काफी नाराज होता हुआ दिखाई दे रहा है. इससे सामान्य वर्ग के छात्रों को यह आशंका है कि उनके साथ अन्याय होगा, क्योंकि इस तरह के कानून छात्रों के भविष्य पर काफी गहरा असर डालेंगे. ऐसे में इस चीज का विरोध पूरे देश में हो रहा है, जिसके चलते सुल्तानपुर के कुछ युवाओं ने भी हल्ला बोला है. तो आईए जानते हैं छात्रों ने क्या कहा और क्या मांग करते हैं.

यूजीसी के नए नियमों को लेकर छात्रों में गुस्सा

हिमांशु मिश्रा ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सामान्य वर्ग के छात्रों में रोष है. उनका कहना है कि यह नए नियम हमारी भावनाओं के खिलाफ हैं. शिक्षण संस्थान एक मंदिर की तरह होते हैं जहां पर सभी वर्ग के छात्र-छात्राएं साथ में बैठकर पढ़ाई करते हैं, खाते पीते हैं अपने स्किल्स पर काम करते हैं, लेकिन इन नियमों के चलते उनके बीच में दूरियां बढ़ जाएगी. यह नए नियम देश को बांटने वाले हैं. इन नियमों को तुरंत वापस लेना चाहिए.

सरकार ने नहीं बदला नियम तो होगी बड़ी क्रांति 

सुल्तानपुर के ही रहने वाले आशुतोष पाठक ने लोकल 18 से कहा कि यूजीसी को लेकर बनाए गए नए नियम को यदि भारत सरकार वापस नहीं लेती है, तो देश में एक बड़ी क्रांति के लिए सरकार तैयार रहे हैं, क्योंकि यह सिर्फ सवर्णों के साथ अन्याय नहीं बल्कि यह पूरे हिंदू समाज को बांटने की एक साजिश रची गई है जिसमें सवर्ण के साथ-साथ अन्य जातियां भी इसमें शामिल होंगी.
यह वही क्रांति होगी जो 1920 में असहयोग आंदोलन की याद दिलाती है जिसमें गांधी जी के आह्वान पर खुद देश के छात्रों ने कॉलेज से पढ़ाई छोड़ दी, अध्यापकों ने पढ़ाना छोड़ दिया, सरकारी नौकरियां त्याग दी गई. इस तरह अब बरेली से यह असहयोग आंदोलन जैसी क्रांति शुरू हो चुकी है. सरकार को इस नए नियम को वापस लेना चाहिए, जिससे समाज में भाईचारा बना रहे और जातिगत भेदभाव से माहौल खराब न होने पाए.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

UGC के नए नियमों को लेकर सुल्तानपुर के छात्रों में नाराजगी, कहा- बढ़ेंगी दूरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों