UP वालों अब जमकर चलाओ हीटर-गीजर, नहीं बढ़ेगा बिल का मीटर, UPPCL को लगा बड़ा झटका
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UPPCL News: उत्तर प्रदेश में जिस बिजली दर की बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, अब उन अटकलों को विराम दे दिया गया है. उत्तर प्रदेश में बिजली दरों का ऐलान कर दिया गया है. ऊर्जा विभाग ने इस बार भी बिजली दर नहीं बढ़ाई है. यानी कि जो पुरानी दरें थीं, वही रहेंगी.
लखनऊः उत्तर प्रदेश में जिस बिजली दर की बढ़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, अब उन अटकलों को विराम दे दिया गया है. उत्तर प्रदेश में बिजली दरों का ऐलान कर दिया गया है. ऊर्जा विभाग ने इस बार भी बिजली दर नहीं बढ़ाई है. यानी कि जो पुरानी दरें थीं, वही रहेंगी. विद्युत नियामक आयोग नें UPPCL के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया. UPPCL नें बिजली दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्तालखनव भेजा था. उत्तर प्रदेश में लगातार छठे वर्ष भी बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं. 6 वर्ष तक लगातार बिजली दरें न बढ़ाने वाला UP देश का पहला राज्य बन गया है. विद्युत नियामक आयोग नें 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के हित में फैसला किया. विद्युत उपभोक्ता परिषद नें CM योगी का आभार जताया है. UPPCL नें बिजली दरों में करीब 45% बढ़ोत्तरी का भेजा था प्रस्ताव.
CM योगी ने UP को बिजली दरें न बढ़ाने वाला राज्य बनाया. नोएडा के भी उपभोक्ताओं को इस वर्ष भी बिजली दरों पर 10% की छूट जारी रहेगी. UPPCL पर इस वर्ष भी उपभोक्ताओं का 18500 करोड़ का सरप्लस निकला. अबतक उपभोक्ताओं का ही करीब 51 हजार करोड़ UPPCL पर है सर प्लस. हम जल्द 51 हजार करोड़ सर प्लस के आधार पर विद्युत दरें कम कराने का करेंगे प्रयास.
बता दें कि उत्तर प्रदेश बिजली बोर्ड की स्थापना साल 2000 में हुई थी और इसे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता है. यह उत्तर प्रदेश में बिजली के उत्पादन, वितरण और ट्रांसमिशन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालता है. यूपीपीसीएल अलग-अलग में बिजली आपूर्ति अपनी सहायक कंपनियों के जरिए करता है. इन सहायक कंपनियों को DISCOMS कहा जाता है. यूपीपीसीएल लगातार बिजली दर बढ़ाने की मांग कर रहा है. हाल ही में यूपीपीसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की दरों में 30 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि का प्रस्ताव दिया था. यूपीपीसीएल ने अपने प्रस्ताव में हजारों करोड़ रुपये के घाटे का भी जिक्र किया था.
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन … और पढ़ें