UP सरकारी तोहफा: श्रमिक कन्या विवाह राशि बढ़कर हुई ₹65,000, जानें नियम
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UP SI Exam 2026: उत्तर प्रदेश में 4543 पदों के लिए यूपी एसआई भर्ती की लिखित परीक्षा आज से प्रदेश के 1090 केंद्रों पर शुरू हो गई है. मुरादाबाद के 28 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और बायोमेट्रिक जांच के बीच पहली पाली संपन्न हुई. परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों के अनुसार पेपर का स्तर 2017 के मॉडल जैसा और औसत था, हालांकि 160 प्रश्नों के लिए समय प्रबंधन बड़ी चुनौती रहा.
रामपुर: उत्तर प्रदेश के मेहनतकश निर्माण श्रमिकों के लिए अच्छी और राहत देने वाली खबर है. दरअसल, यूपी सरकार ने ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत मिलने वाली राशि में भारी बढ़ोतरी करते हुए श्रमिकों को बड़ी राहत दी है. अब पंजीकृत श्रमिकों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए ₹55,000 के बजाय ₹65,000 की आर्थिक मदद मिलेगी. सहायक श्रमायुक्त राजकुमार सिंह ने बताया कि संशोधित आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे जिले के हजारों श्रमिक परिवारों के चेहरे खिल उठे हैं.
13 अक्टूबर से लागू होगा नया आदेश
रामपुर के सहायक श्रमायुक्त राजकुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने इस योजना में 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी करते हुए संशोधित आदेश जारी किया है. यह नया आदेश 13 अक्टूबर से लागू होगा. इस फैसले से उन हजारों श्रमिक परिवारों को राहत मिलेगी, जो अपनी बेटियों के विवाह को लेकर आर्थिक चिंता में रहते हैं.
विवाह की श्रेणियों के अनुसार बढ़ी हुई राशि
उन्होंने बताया कि नए आदेश के अनुसार, सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों में सहायता राशि बढ़ाई है. घर विवाह पर 65 हजार रुपये की सहायता मिलेगी. वहीं, सामूहिक विवाह में शामिल होने पर 85 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके अलावा अंतरजातीय विवाह करने पर 75 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. हालांकि, पहले घर से विवाह करने पर 55 हजार रुपये, सामूहिक विवाह पर 75 हजार रुपये मिलते थे.
महिला श्रमिकों को भी मिलेगा लाभ
योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल बेटियों तक सीमित नहीं है. यदि कोई महिला स्वयं एक पंजीकृत निर्माण श्रमिक है, तो वह अपने स्वयं के विवाह के लिए भी ₹65,000 की सहायता राशि प्राप्त कर सकती है.
सामूहिक विवाह आयोजकों को प्रोत्साहन
सरकार सामूहिक विवाह को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहती है. इसके लिए प्रावधान किया गया है कि सामूहिक विवाह आयोजित करने वाली संस्थाओं को प्रति जोड़ा ₹15,000 का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा. इससे गरीब परिवारों के लिए विवाह का खर्च और भी कम हो जाएगा.
पात्रता और जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- श्रमिक का बोर्ड में पंजीकरण कम से कम एक वर्ष पुराना होना चाहिए.
- यह लाभ केवल दो पुत्रियों के विवाह तक ही सीमित है.
- आवेदन के समय पंजीकरण का नवीनीकरण अपडेट होना चाहिए.
- विवाह संपन्न होने के 6 माह के भीतर आवेदन करना जरूरी है.
सावधान: फर्जीवाड़े पर होगी सख्त कार्रवाई
सहायक श्रमायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवेदन के साथ सभी दस्तावेज सही होने चाहिए. यदि कोई व्यक्ति फर्जी या कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ लेने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दी गई राशि की रिकवरी (वसूली) भी होगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें