UP PCS Prelims 2025: यूपी में ‘महापरीक्षा’, पीसीएस प्रीलिम्स में नकल पर आजीवन कारावास और 1 करोड़ जुर्माना

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UP PCS Prelims 2025: यूपी में ‘महापरीक्षा’, पीसीएस प्रीलिम्स में नकल पर आजीवन कारावास और 1 करोड़ जुर्माना


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UP PCS Prelims 2025: यूपी पीसीएस प्री 2025 परीक्षा आज 75 जिलों के 1435 केंद्रों पर 210 पदों के लिए आयोजित की जा रही है. इसमें करीब 6.26 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल करने पर 1 करोड़ रुपये जुर्माना और आजीवन कारावास का नया कानून लागू है.

UP PCS Prelims 2025: प्रीलिम्स परीक्षा को लेकर यूपी सरकार का रवैया काफी सख्त है

लखनऊ (UP PCS Prelims 2025). उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. यह महापरीक्षा आज, 12 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की जा रही है. यह परीक्षा केवल सिविल सेवाओं में एंट्री का दरवाजा नहीं है, बल्कि 6 लाख 26 हजार 387 अभ्यर्थियों के सपनों और भविष्य की दिशा तय करने का मोड़ भी है. यूपी पीसीएस प्रीलिम्स परीक्षा 2025 के लिए 75 जिलों में कुल 1,435 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.

यूपीपीएससी पीसीएस 2025 परीक्षा के जरिए 210 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी. यह परीक्षा 2 पालियों- सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे में होगी. यूपी पीसीएस प्री के साथ ही सहायक वन संरक्षक (ACF) और क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) प्रारंभिक परीक्षा 2025 भी आयोजित की जाएगी. आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कई सिक्योरिटी उपाय किए हैं. परीक्षा केंद्र में बायोमेट्रिक अटेंडेंस, रेटिना मैचिंग और आई-टेक्नीक से लैस हाई-टेक कंट्रोल रूम रहेंगे.

सख्ती के दायरे में होगी परीक्षा

यूपी पीसीएस परीक्षा 2025 में सख्ती का लेवल बहुत कठिन रहेगा. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024’ पेश किया है. इस नए और कठोर कानून के तहत, नकल करने और कराने वालों, दोनों को ही अपराध की श्रेणी में रखा गया है. इसके लिए 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा या दोनों हो सकते हैं. यूपी लोक सेवा आयोग मेरिट और योग्यता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा.

परीक्षा केंद्रों पर रहेगी सिक्योरिटी

यूपी पीसीएस परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के साथ-साथ 1 इंस्पेक्टर की तैनाती करके सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना बढ़ाया गया है. आयोग का कंट्रोल रूम अल्ट्रा मॉडर्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी से लैस है. यहां मॉनिटरिंग के लिए स्क्रीन की संख्या भी बढ़ाई गई है. इन कठोर सुरक्षा उपायों और हाई-टेक निगरानी के बीच, यह परीक्षा लाखों योग्य उम्मीदवारों को प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने का निष्पक्ष अवसर देगी. इसके लिए यूपी एसटीएफ (STF) को भी अलर्ट पर रखा गया है.

यूपी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2025 दिशानिर्देश

परीक्षा का विवरण और आवेदन संख्या

विवरण संख्या जानकारी
आयोजन तिथि 12 अक्टूबर 2025
आयोजक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)
परीक्षाएं PCS Pre, ACF Pre, RFO Pre 2025
कुल पद 210
कुल आवेदक 6 लाख 26 हजार 387
परीक्षा केंद्र 1435 केंद्र (प्रदेश के सभी 75 जिलों में)
पालियां 2 (सुबह 9:30 – 11:30; दोपहर 2:30 – 4:30)

परीक्षा केंद्र पर क्या ले जाएं, क्या नहीं?

  1. अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र 30 सितंबर को ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://UPPSC.up.nic.in पर उपलब्ध करा दिए गए थे. इसे साथ लेकर जाएं.
  2. परीक्षा केंद्र पर 2 फोटो आईडी प्रूफ की ओरिजिनल और फोटो कॉपी लेकर जाएं.
  3. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 1 घंटा 30 मिनट पहले प्रवेश दिया जाएगा.
  4. परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 45 मिनट पहले एंट्री गेट बंद कर दिया जाएगा. 45 मिनट के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

नकल पर सख्त कानून और निगरानी

नकल और गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए आयोग और सरकार ने जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है.

  1. नया कानून लागू: परीक्षा में नकल या गड़बड़ी पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
  2. सजा का प्रावधान: नकल करना और कराना दोनों ही अपराध है. ऐसे मामलों में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और/या आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है.
  3. परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के साथ एक इंस्पेक्टर की भी तैनाती की गई है. सुरक्षा के लिए यूपी एसटीएफ को भी अलर्ट पर रखा गया है.

हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था

निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बहुत मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है:

  1. बायोमेट्रिक हाजिरी: परीक्षा केंद्र के गेट पर अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस और रेटिना का मिलान किया जाएगा.
  2. AI कंट्रोल रूम: आयोग का सेंट्रल कंट्रोल रूम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी से लैस है. मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम में स्क्रीन की संख्या बढ़ाई गई है. इससे हर केंद्र पर पैनी नजर रखने में मदद मिलेगी.

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Deepali Porwal

With over more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academi…और पढ़ें

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