UP Union Budget 2026 Live: यूपी के लिए खुला पिटारा! दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर और एम्स की सौगात, 2027 के ‘रण’ की तैयारी

0
UP Union Budget 2026 Live: यूपी के लिए खुला पिटारा! दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर और एम्स की सौगात, 2027 के ‘रण’ की तैयारी


UP Budget 2026 announcements Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में मोदी सरकार का साल 2026 का केंद्रीय बजट पेश कर रही है. यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के आगामी ‘सियासी भविष्य’ का रोडमैप भी है. 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच, केंद्र सरकार ने यूपी के लिए विकास का ‘मास्टर कार्ड’ खेल दिया है. पश्चिमी यूपी में एम्स की मांग से लेकर दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर तक, इस बजट में यूपी के लिए बड़े ऐलानों की झड़ी लगा दी गई है. Union Budget 2026 से जुड़े यूपी के लिए हर बड़े ऐलान, अपडेट और पल-पल की जानकारी के लिए जुड़े रहें.

हर जिले में बढ़ेंगे बेड और ट्रामा सेंटर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी घोषणा की है. बजट के अनुसार, देश के जिला अस्पतालों की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी. उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के मुख्य अस्पतालों में बेड और सुविधाओं में 50% का इजाफा होगा. जिन जिलों में अब तक इमरजेंसी या ट्रामा सेंटर की सुविधा नहीं थी, वहां केंद्र सरकार के सहयोग से नए सेंटर खोले जाएंगे. इससे सड़क हादसों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा.

10,000 गाइड्स का होगा स्किल अपग्रेड
यूपी के पर्यटन स्थलों (जैसे अयोध्या, काशी, मथुरा और आगरा) को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए केंद्र ने पायलट स्कीम लॉन्च की है. देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों को चुना गया है, जिनमें यूपी के शहरों का दबदबा रहने की उम्मीद है. इन केंद्रों पर 10,000 गाइड्स के कौशल को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बेहतर अनुभव दे सकें. यह सीधे तौर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा.

बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल, विकसित होंगे तीर्थ स्थल
प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा. छोटे-छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा.

टियर-2 और टियर-3 शहरों का होगा कायाकल्प
वित्त मंत्री ने बजट में ₹12.2 लाख करोड़ के भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का ऐलान किया है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन शहरों को मिलेगा जिनकी आबादी 5 लाख से अधिक है. उत्तर प्रदेश के करीब 15 शहर इस श्रेणी में आते हैं. इन शहरों का बदलेगा चेहरा: अयोध्या, नोएडा, सहारनपुर, गोरखपुर, झांसी, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद और उन्नाव जैसे शहरों में सड़कों, फ्लाईओवर्स और आधुनिक सुविधाओं के लिए फंड की कमी नहीं होगी.

जलमार्ग और कनेक्टिविटी का नया जाल
यूपी की नदियों में अब व्यापार दौड़ेगा। राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार के तहत यूपी की 5 प्रमुख नदियों पर जलमार्ग का काम तेज होगा. गंगा नदी में परिवहन को मजबूती देने के लिए वाराणसी और पटना में आधुनिक पोर्ट बनाए जाएंगे. इससे माल ढुलाई सस्ती होगी और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे.

सेमीकंडक्टर 2.0 और मेरठ का ‘खेल’
सेमीकंडक्टर 2.0: सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन के दूसरे चरण का आगाज किया है। चूंकि नोएडा में पहले से ही सेमीकंडक्टर हब पर काम जारी है, इसलिए इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी उत्तर प्रदेश बनेगा।

मेरठ बनेगा ग्लोबल हब: खेलकूद के सामानों में आत्मनिर्भरता के लिए नई योजना शुरू की गई है। मेरठ, जो खेल उद्योग का केंद्र है, इस घोषणा के बाद दुनिया भर में स्पोर्ट्स गुड्स सप्लाई करने का पावरहाउस बनेगा।

दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
बजट में बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर देते हुए 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है. इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा फायदा मिला है:
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर: राजधानी से सीधे जुड़ाव.
वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: पूर्वांचल से पूर्वोत्तर भारत की राह होगी आसान.
वाराणसी-पटना शिप रिपेयर: बनारस और पटना में जहाजों की मरम्मत के लिए नई सुविधा स्थापित होगी.

यूपी की डिमांड लिस्ट पर सबकी नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 के रण को जीतने के लिए भाजपा इस बजट को एक बड़े हथियार के रूप में देख रही है. सूत्रों की मानें तो योगी सरकार ने केंद्र को जो फेहरिस्त भेजी है, उसमें पश्चिमी यूपी के लिए नया एम्स (AIIMS) और नमामि गंगे समेत कई प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है. यह बजट तय करेगा कि आने वाले चुनाव में पार्टी किन उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाएगी.

टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास को राहत की आस
आज 1 फरवरी है, देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा दिन. मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को उम्मीद है कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बड़ी राहत मिल सकती है. यूपी जैसे बड़े राज्य में जहां मध्यम वर्ग की आबादी का बड़ा हिस्सा है, वहां टैक्स में छूट भाजपा के लिए वोट बैंक मजबूत करने का जरिया बन सकती है.

इकोनॉमिक सर्वे की चुनौतियां और यूपी का हाल
हाल ही में पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने साफ कर दिया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तो ठीक है, लेकिन स्वास्थ्य और रोजगार अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं. यूपी जैसे सबसे ज्यादा युवा आबादी वाले राज्य के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना वित्त मंत्री के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी.

वैश्विक उथल-पुथल के बीच ‘यूपी मॉडल’ पर जोर
दुनियाभर में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के कारण जो अनिश्चितता बनी हुई है, उसका असर भारतीय बाजार पर भी है. ऐसे में निवेशक और किसान, दोनों ही वर्ग यह देख रहे हैं कि सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण खर्च के बीच कैसे संतुलन बनाती है. क्या पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और डिफेंस कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए दिल्ली से और फंड आएगा?



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों