UP में SIR का पंचायत चुनावों पर पड़ेगा असर? जानिए कब होंगे इलेक्शन
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UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की वजह से फ़रवरी 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों में देरी हो सकती है. इसकी वजह है कि व्यापक मतदाता पुनरीक्षण के बाद 7 फ़रवरी तक फाइनल वोटर लिस्ट आएगी. इसी वोटर लिस्ट के आधार पर ही पंचायत चुनाव होंगे.
लखनऊ. भारत निर्वाचन आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव पर भी असर डाल सकती है. बता दें कि फरवरी 2026 के पहले सप्ताह से चुनाव शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन SIR के कारण अब यह प्रक्रिया मार्च या अप्रैल तक खिसक सकती है. उत्तर प्रदेश उन 12 राज्यों में शामिल है जहां यह व्यापक मतदाता सूची संशोधन अभियान चल रहा है, और इसका सीधा असर ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे बड़ी कवायद पर पड़ेगा.
ये है देरी की वजह
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्र बताते हैं कि पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूचियां विधानसभा सूचियों पर आधारित होती हैं. SIR से विधानसभा सूचियां अपडेट होने के बाद पंचायत स्तर पर भी संशोधन अनिवार्य हो जाएगा, जिससे चुनाव अधिसूचना में देरी तय मानी जा रही है. पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2025 की क्वालिफाइंग डेट के आधार पर सर्वे पूरा कर लिया था, लेकिन अब SIR की समयसीमा के कारण फरवरी में चुनाव होना मुश्किल दिख रहा.
समय पर चुनाव करवाने पर फोकस
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक SIR राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया है और इसका पंचायत चुनावों पर न्यूनतम असर पड़ेगा, लेकिन समन्वय के लिए आयोग लगातार बैठकें कर रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव समय पर कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा, पर विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल से पहले प्रक्रिया शुरू होना मुश्किल है. गर्मी के मौसम में चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन कानूनी बाध्यताओं के कारण देरी से बचना जरूरी है.

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार… और पढ़ें