Varanasi News : 4 स्कूली छात्रों का ये जुगाड़ …बचा सकता है हर घंटे 20 लोगों की जान! देखें ये हाईटेक हेलमेट

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Varanasi News : 4 स्कूली छात्रों का ये जुगाड़ …बचा सकता है हर घंटे 20 लोगों की जान! देखें ये हाईटेक हेलमेट


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Varanasi News: चार स्कूली छात्रों का ये हाईटेक इनोवेशन, हर घंटे 20 लोगों की जान बचा सकता है. छात्रों के अनुसार ‘गरुड़ कवच’ हेलमेट सड़क हादसों में घायल व्यक्ति का लाइव लोकेशन और इमरजेंसी कॉल तुरंत भेजता है, जिससे फौरन मदद मिलेगी और मौतों की संख्या घटाई जा सकती है.

वाराणसी : देश में लगातार सड़क हादसों में मौत की संख्या बढ़ती जा रही है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में 1,72,890 लोगों की जान गई, जो 2022 की तुलना में लगभग 3% अधिक है. यह आंकड़ा प्रतिदिन औसतन 474 मौतों के बराबर है, यानी हर घंटे लगभग 20 लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं.

इन सड़क हादसों को देखते हुए वाराणसी के एक निजी स्कूल के होनहार छात्रों ने एक अनोखी तकनीक विकसित की है. सड़क दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इमरजेंसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने हाईटेक हेलमेट तैयार किया है. शहर के चार छात्रों ने मिलकर इसे ‘गरुड़ कवच’ नाम दिया है. यह हेलमेट सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति के लिए संजीवनी साबित हो सकता है और तुरंत मदद पहुंचाने में मदद करेगा.इसे तैयार करने वाले छात्रों का दावा है कि किसी भी प्रकार के सड़क हादसे में यह हेलमेट स्वतः ही परिवार के सदस्यों, एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना भेज देगा. इसके साथ ही घायल व्यक्ति का लाइव लोकेशन भी शेयर किया जाएगा, जिससे मदद तुरंत पहुँच सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान से प्रेरित होकर छात्रों रियांशी तिवारी और राजीव समेत 4 छात्रों ने इसे तैयार किया है.

कैसे काम करता है हाईटेक हेलमेट
लोकल-18 से बातचीत में रियांशी तिवारी ने बताया कि यह हेलमेट एक ब्लूटूथ कनेक्टेड डिवाइस है, जिसमें ऑटोमेटिक सेंसर लगा हुआ है. किसी भी प्रकार के सड़क हादसे की स्थिति में यह सेंसर स्वतः सक्रिय हो जाता है. इसके बाद डिवाइस से जुड़े नंबर पर फौरन कॉल के साथ घायल व्यक्ति की लोकेशन भी शेयर हो जाती है. इससे घायल के घर वालों को तुरंत जानकारी मिल जाती है और समय रहते चिकित्सीय मदद पहुंचाई जा सकती है. रियांशी के अनुसार, इस हेलमेट की मदद से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कम की जा सकती है.

लगातार जारी है सुधार का प्रयास
राजीव ने बताया कि इस हाईटेक हेलमेट को तैयार करने में लगभग 10 हजार रुपये का खर्च आया और इसके निर्माण में करीब एक महीने का समय लगा. उन्होंने कहा कि हेलमेट में और सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल यह गरुड़ हेलमेट एक बार में तीन नंबरों पर कॉल भेज सकता है, और इसे 5 नंबरों तक बढ़ाने पर भी काम जारी है. इन होनहार छात्रों के नए खोज की चर्चा पूरे स्कूल में हो रही है. स्कूल के प्रबंधक सुजय चक्रवर्ती ने भी बच्चों की तारीफ करते हुए उनके इस प्रयास को सराहा है.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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