अगर आपके भी आम के पेड़ से बौर झड़ रही है, तो तुरंत करें यह देसी जुगाड़

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अगर आपके भी आम के पेड़ से बौर झड़ रही है, तो तुरंत करें यह देसी जुगाड़


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अगर आपके भी आम के पेड़ से बौर झड़ रही है, तो तुरंत करें यह देसी जुगाड़

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Azamgarh News: आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए विशेषकर घातक साबित होती है. व्यावसायिक रूप से आम का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बौर का झड़ जाना बेहद नुकसानदेय होता है.

आजमगढ़: इस समय आम के पेड़ों पर बौर आना शुरू हो चुका है. वहीं तेज हवाओं और बढ़ते तापमान का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिसके कारण पेड़ों पर लगे हुए बौर के झड़ने की समस्या भी अक्सर देखने को मिलती है. यह समस्या आम की बागवानी करने वाले किसानों के लिए विशेषकर घातक साबित होती है.

व्यावसायिक रूप से आम का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए बौर का झड़ जाना बेहद नुकसानदेय होता है. ऐसे में आज हम आपको इस समस्या से छुटकारा पाने का एक जबरदस्त तरीका बताने जा रहे हैं. यह उपाय न केवल आम की उपज को बढ़ा सकता है, बल्कि किसानों को अच्छा लाभ दिलाने में भी फायदेमंद हो सकता है.

पेड़ पर लगे हुए बौरों का झड़ने का खतरा
कृषि एक्सपर्ट बताते हैं कि पेड़ों में आम के बौर आने या फिर उनके झड़ जाने के पीछे का कारण मिट्टी में छिपी हुई नमी होती है. अधिक सिंचाई कर देने से या फिर मिट्टी में मौजूद अधिक नमी के कारण पेड़ पर लगे हुए बौर आने के बाद भी झड़ जाते हैं. ऐसे में इस दौरान किसानों को बाग में सिंचाई करने से बचना चाहिए. इसके अलावा मिट्टी में अतिरिक्त नमी को कम करना भी बेहद आवश्यक होता है. इसके अलावा इस दौरान आम के बौर में कई ऐसे कीड़े होते हैं, जिनका प्रकोप बढ़ जाता है, जो पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं.

बेहद कारगर तरीका
यह कीड़े पौधे के ताने पर चढ़कर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बचने के लिए किसानों को हर पेड़ पर चुने बैंडिंग करनी चाहिए. यह बेहद कारगर तरीका साबित हो सकता है. जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम बताते हैं कि आम के पेड़ों को सुरक्षित करने के लिए चूने का लेपन बेहद कारगर साबित हो सकता है. इसे करने के लिए सबसे पहले आम के पेड़ के जड़ों से ताने तक दो-तीन फीट चुने लेपन करते हुए उस पर मोती पॉलिथीन की परत को लपेट जा सकता है.

20 फेरोमोन में किसान लगा सकते हैं ट्रैप 
इसके अलावा किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पेड़ की कोई भी शाखा जमीन से ना छू रही हो. इसे सुरक्षित करने के लिए जालीदार कपड़ों की मदद से बांधकर उन्हें जमीन तक लटकाने से बचाया जा सकता है. इसके अलावा फल मक्खी से बचाव के लिए किसान प्रति एकड़ 20 फेरोमोन ट्रैप लगा सकते हैं. यह कीटों को अपनी ओर आकर्षित कर नियंत्रित करते हैं और फूलों को सुरक्षित रखते हैं.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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