आगरा के ये टेलर ताजमहल जितना मशहूर, बिना माप सिल डालता है एकदम फिट कपड़े
Last Updated:
Success Story : ताजनगरी आगरा के टेलर अजय कुमार की कलाकारी देख लोग चकित रह जाते हैं. पिछले 20 साल से कपडे़ सिल रहे हैं. अजय के दादा और पिता भी इसी पेशे में थे. लोकल 18 से मास्टर अजय बताते हैं कि अब उन्हें इतना अनुभव हो गया है कि बिना माप के भी एकदम फिट कपड़े सिल सकते हैं. उनके बनाए कोट पैंट लोग देखते रह जाते हैं. इस समय बूट कट पैंट की डिमांड खूब है. उनके पास जोधपुरी और समान्य कोट वाले ग्राहक बहुत आते हैं. उनकी फिटिंग देख लोग मोहित हो जाते हैं.
आगरा. ताजनगरी आगरा में एक ऐसे टेलर मास्टर हैं, जो अपनी कलाकारी से लोगों का दिल दो दशक से जीतते आ रहे हैं. आगरा के यू मैक्स टेलर के संचालक मास्टर अजय कुमार पिछले 20 सालों से कपडे़ सिल रहे हैं. उनके दादा और पिता भी टेलर का काम करते थे. बचपन से उन्होंने इस काम को देखते हुए अपना सफर तय किया है. मास्टर अजय बताते हैं कि अब उन्हें इतना अनुभव हो गया है कि बिना माप के भी एकदम फिट कपड़े सिल सकते हैं. वह कोट पैंट बनाने में मास्टर हैं. कोट पैंट के लिए उनके पास आगरा के अलावा कई जिलों से लोग आते हैं. कई युवाओं को वह काम सिखा चुके हैं. वर्तमान में बूट कट पैंट की डिमांड बढ़ गई है. इसे वे बड़े ही कमाल का सिलते हैं.
फिटिंग देख मोहित
मास्टर अजय के मुताबिक, वह 20 साल से दुकान चला रहे हैं. बाबा और पापा दोनों टेलर थे. बचपन से ही इस काम को सीखते हुए बड़े हुए हैं. शुरुआत में वह अपने पापा की हेल्प करते थे. धीरे-धीरे वह अपने आप कुशल टेलर बन गए. मास्टर अजय बताते हैं कि वह सभी प्रकार के कोट पैंट सिल सकते हैं. उनके पास जोधपुरी और समान्य कोट वाले ग्राहक बहुत आते हैं. उनकी फिटिंग देख लोग मोहित हो जाते हैं.
कितनी कीमत
मास्टर अजय बताते हैं कि पहले के जमाने में जो पैंट चलती थी, फिर वही फैशन लौट आया है. अब हर कोई बूट कट पैंट सिलाना चाह रहा है. एक पैंट बनावने का चार्ज 500 रुपये है. अगर ग्राहक शर्ट भी सिलवाता है तो 1000 रुपये लगते है. कोट पैंट की सिलाई 1800 रुपये से शुरू होती है. आगरा में उनकी कई ब्रांच हैं, जिसमें कुशल कारीगर काम करते हैं.
About the Author
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें