आगरा जेल में बंद 27 बांग्लादेशी रिहा, 3 साल की सजा हुई पूरी, पुलिस ने बताया अब कहां जाएंगे?
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Agra News: आगरा की जेल में बंद बांग्लादेशी 15 पुरुष और 12 महिलाओं को पुलिस ने रिहा कर दिया है. अब इन्हें इनके वतन वापस भेजा जाएगा. बता दें कि साल 2023 में पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना सिकंदरा क्षेत्र में कुछ बांग्लादेशी अवैध तरीके से रह रहे है, जिसके बाद पुलिस ने छापा मारा और लगभग 38 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे.
आगरा: आज आगरा की जिला जेल से बांग्लादेशियों को रिहा किया गया है. इन बांग्लादेशियों में 15 पुरुष और 12 महिलाओं को सजा पूरी होने के बाद रिहा किया गया. इसके अलावा अन्य बांग्लादेशी नाबालिग जो बाल संरक्षण केंद्र में थे, उनको भी रिहा किया गया है. अब सभी को आगरा पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच आगरा से कलकत्ता लेकर जा रही है, जहां इन सभी को BSF के सुपुर्द किया जाएगा और फिर इन बांग्लादेशियों को उनके देश वापस भेजा जाएगा.
3 साल की सजा पूरी
बता दें कि साल 2023 में पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना सिकंदरा क्षेत्र में कुछ बांग्लादेशी अवैध तरीके से रह रहे है, जिसके बाद पुलिस ने छापा मारा और लगभग 38 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें कई नाबालिग भी थे. तब पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए सभी को जेल भेजा था और नाबालिगों को बाल संरक्षण गृह भेजा गया था. इन सभी को 3 साल की सजा हुई थी और अब सजा पूरी होने के बाद इन्हें आगरा जेल से रिहा कर दिया है.
चोरी छिपे किया था बॉर्डर पार
आगरा के एसीपी दिनेश कुमार ने बताया कि अब सजा पूरी होने के बाद आज आगरा की जिला जेल से 15 पुरुष, 12 महिलाओं को रिहा करने के साथ ही बाकी के नाबालिगों को भी बाल संरक्षण गृह से रिहा किया गया है. पुलिस इन सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच आगरा से कलकत्ता लेकर जा रही है. कलकत्ता में इन सभी को BSF के सुपुर्द किया जाएगा और फिर वहां से इनको बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा. पिछली पूछताछ में इन बांग्लादेशियों ने बताया था कि यह सभी चोरी छिपे बॉर्डर पार करके इंडिया के घुसे थे और आगरा में झुग्गी-झोपड़ियों में रहकर अपना जीवन जी रहे थे.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.