आलू की खेती में सुपर ग्रोथ का सीक्रेट फार्मूला! 30 दिन बाद करें ये 6 जरूरी उपाय
Last Updated:
Potato Farming Tips : आलू की फसल एक महीने की होते ही खास देखभाल करने की जरूरत है. यह समय ऐसा होता है, जब कंदों का विकास शुरू होता है. इस अवस्था में उचित सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, मिट्टी चढ़ाना और रोगों से बचाव सुनिश्चित करना बेहतर पैदावार के लिए आवश्यक है. किसानों को इस समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
आलू की एक महीने की फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम मिट्टी चढ़ाना है. पौधों की लाइनों के बीच की मिट्टी को खोदकर पौधों के तने के आधार पर चढ़ाया जाता है. यह काम नए कंदों को धूप से बचाती है, जिससे वे हरे होकर जहरीले न बनें. साथ ही, यह अधिक कंदों के विकास और उन्हें उचित जगह मिलती है.

एक महीने की फसल में हल्की और नियमित सिंचाई बहुत जरूरी है. मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहनी चाहिए, खासकर जब कंद बनना शुरू हो गए हों. हालांकि, खेत में पानी जमा नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे कंद सड़ सकते हैं या रोगों का खतरा बढ़ सकता है. अगली सिंचाई से पहले मिट्टी की ऊपरी परत को सूखने दें.

बढ़ते पौधों से पोषक तत्वों और पानी की प्रतिस्पर्धा कम करने के लिए खरपतवार नियंत्रण जरूरी है. मिट्टी चढ़ाने के साथ ही कई खरपतवारों का नियंत्रण हो जाता है, यदि जरूरी हो तो उपयुक्त हर्बिसाइड का छिड़काव करें, लेकिन रासायनिक छिड़काव से पहले मिट्टी की नमी और मौसम का ध्यान अवश्य रखें.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इस समय आलू के पौधों को पोटाश (Potash) और फास्फोरस (Phosphorus) की आवश्यकता होती है, जो कंद के बेहतर विकास में मदद करता है. यदि शुरुआती दिनों में खाद कम दी गई थी, तो अब नाइट्रोजन की खुराक दी जा सकती है. हमेशा मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें.

एक महीने की फसल में अगेती झुलसा (Early Blight) रोग का खतरा बढ़ जाता है. पत्तियां भूरी होने लगती हैं और सूख जाती हैं. इसकी रोकथाम के लिए रोगनिरोधी फफूंदनाशक (Fungicides) का छिड़काव शुरू कर देना चाहिए. मौसम में अधिक नमी या बादल छाए रहने पर सावधानी बढ़ा देनी चाहिए.

इस अवस्था में आलू की फसल को माहू (Aphids) का खतरा हो सकता है, जो पत्ती के रस चूसते हैं और वायरस फैलाते हैं. इन कीटों के लिए खेत की नियमित निगरानी करें. यदि प्रकोप दिखे, तो सुरक्षित कीटनाशकों का उपयोग करके तुरंत नियंत्रण करें ताकि पौधे स्वस्थ रहें.