इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के केस में गिरफ्तार दो बिल्डरों को मिली जमानत, कोर्ट ने रखी 3 शर्तें

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इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के केस में गिरफ्तार दो बिल्डरों को मिली जमानत, कोर्ट ने रखी 3 शर्तें


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इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गिरफ्तार दो बिल्डरों को कोर्ट से जमानत मिल गई है. मामले में गिरफ्तार लोटस बिल्डर के दो कर्मचारी रवि बंसल और सचिन करनवाल को जमानत मिल गई है. दोनों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है.  कोर्ट ने माना कि मामला जमानती है. इसलिए जमानत देने का आधार मौजूद है.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में कोर्ट का बड़ा आदेश.

ग्रेटर नोएडाः इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गिरफ्तार दो बिल्डरों को कोर्ट से जमानत मिल गई है. मामले में गिरफ्तार लोटस बिल्डर के दो कर्मचारी रवि बंसल और सचिन करनवाल को जमानत मिल गई है. दोनों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है.  कोर्ट ने माना कि मामला जमानती है. इसलिए जमानत देने का आधार मौजूद है. दोनों अभियुक्तों को 25-25 हजार रुपए की जमानत राशि पर रिहा किया गया. सुप्रजपुर CJM कोर्ट ने जमानत देते समय तीन शर्तें भी लगाई हैं. पहली शर्त यह है कि दोनों जांच में पूरा सहयोग करेंगे. दूसरी शर्त यह है कि बिना अनुमति देश नहीं छोड़ेंगे. इसके अलावा जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे.

ग्रेटर नोएडा में एक साफ्टवेयर इंजीनियर की हादसे में मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस अफसर लोकेश एम. को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अधिशासी अधिकारी के पद से हटा दिया था और उनका फिलहाल कोई पदस्थापन नहीं किया गया. एक शासकीय आदेश के मुताबिक लोकेश एम. को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य अधिशासी अधिकारी के पद से हटा दिया गया. उनका फिलहाल कोई पदस्थापन नहीं किया गया है. लोकेश एम. को हटाने का सरकारी आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा साफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में एक हादसे में हुई मौत की जांच के लिये एक विशेष टीम गठित करने के हुक्म के तुरंत बाद आया था.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के परिवार समेत स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण और ‘रियल एस्टेट डेवलपर्स’ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि इसी वजह से युवराज की मौत हुई है. उन्होंने घटना के विरोध में पदयात्रा भी निकाली. ग्रेटर नोएडा में एक साफ्टवेयर इंजीनियर की गत शुक्रवार को गड्ढे में डूबकर हुई मौत के मामले की पड़ताल के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोमवार को तीन सदस्यीय एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था. राज्य सरकार के एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे एक गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की हुई मौत के मामले का संज्ञान लिया है और उनके निर्देश पर मामले की तफ्तीश के लिये तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें

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