इन चचेरे भाइयों की शादी में ऐसा क्या हुआ, जिसे देखने के लिए पूरा गांव इकट्ठा?
एटा: उत्तर प्रदेश के एटा के विकासखंड अलीगंज क्षेत्र में आयोजित एक अनोखा विवाह समारोह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया. यहां दो चचेरे भाइयों की शादी के बाद उनकी दुल्हनों की विदाई हेलीकॉप्टर से कराई गई, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. बता दें कि बुलाकीनगर स्थित सहकारी समिति के उत्सव पैलेस में आयोजित इस भव्य समारोह में दोनों भाइयों की शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई. देर रात जयमाल और विवाह की रस्में पूरी होने के बाद दुल्हनों की शाही अंदाज में विदाई कराई गई.
अलीगंज क्षेत्र के नगला डंबर में बनाए गए हेलीपैड से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. जैसे ही हेलीकॉप्टर आसमान में उड़ा, लोगों ने इस यादगार पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया. हेलीकॉप्टर से हुई यह अनोखी विदाई पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन गई.
दोनों चचेरे भाइयों का विवाह समारोह
अलीगंज क्षेत्र के बुलाकीनगर स्थित सहकारी समिति के उत्सव पैलेस में एक अनोखी शादी संपन्न हुई. दोनों चचेरे भाइयों का विवाह समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया. देर रात भव्य जयमाल कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें रिश्तेदारों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौजूद रही. विवाह की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरी की गईं.
नीलम और आशुतोष की हुई शादी
पहली दुल्हन नीलम उर्फ सुमन, पुत्री मुन्नालाल निवासी नगला डंबर, विकासखंड अलीगंज, जनपद एटा की है. नीलम ने एमए और डीएलएड की शिक्षा प्राप्त की है और वह अपने परिवार की सबसे छोटी बेटी है. उनके पिता मुन्नालाल कासगंज जनपद की पटियाली तहसील के बमिया प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं. नीलम का विवाह आशुतोष यादव (एमबीए) निवासी करणपुर, तहसील पटियाली, जनपद कासगंज के साथ हुआ है. आशुतोष के पिता रामदास किसान हैं.
आकांक्षा और गौरव का भी हुआ विवाह
इसी समारोह में दूसरी दुल्हन आकांक्षा, पुत्री रामकिशन गुरु दयाल निवासी नगला कायमगंज, जनपद फर्रुखाबाद की शादी भी गौरव यादव निवासी करणपुर, तहसील पटियाली, जनपद कासगंज के साथ संपन्न हुई. गौरव के पिता सुधीर सिंह खेती-बाड़ी करते हैं. गौरव ने आईटीआई डिप्लोमा किया है और वह परिवार के बड़े बेटे हैं.
बचपन का सपना हुआ पूरा
दूल्हे आशुतोष यादव के चाचा ओपी यादव ने बताया कि आशुतोष बचपन से पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और अक्सर हेलीकॉप्टर में बैठने की इच्छा जताते थे. बेटे का सपना पूरा करने के लिए उनके पिता रामदास ने शादी के अवसर पर खास सरप्राइज देते हुए दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से कराई.
दोनों दुल्हनों की विदाई अलीगंज विकासखंड के नगला डंबर में बनाए गए हेलीपैड से कराई गई. हेलीकॉप्टर को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, लोगों ने इस यादगार पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए. सुरक्षा में 5 उपनिरीक्षक, 5 हेड कांस्टेबल, 10 आरक्षी (महिला व पुरुष), 1 मुख्य आरक्षी आर मोहर्रिर, 1 केंडल स्मोक, 1 राजकीय वाहन और 1 मुख्य आरक्षी चालक की ड्यूटी लगाई गई. बताया गया कि इस विशेष सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1 लाख 47 हजार 111 रुपये की धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराई गई थी. हेलीकॉप्टर से हुई इस शाही विदाई ने पूरे इलाके में खासा आकर्षण पैदा कर दिया और यह अनोखी शादी लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही.