इस ट्रिक से नहीं कटेगा आपके स्मार्ट मीटर का पैसा, बैलेंस कटने पर भी नहीं जाएगी बिजली

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इस ट्रिक से नहीं कटेगा आपके स्मार्ट मीटर का पैसा, बैलेंस कटने पर भी नहीं जाएगी बिजली


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Smart Meter Gorakhpur : क्या आप भी स्मार्ट मीटर को लेकर परेशान हैं. इन दिनों यूपी में लोगों के बीच इसे लेकर असमंजस और शिकायतें बढ़ती जा रही हैं. लोगों का कहना है कि प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद उन्हें बार-बार बिजली कटने और बैलेंस समझने में दिक्कत हो रही है. लोकल 18 ने इस बारे में गोरखपुर स्थित बक्शीपुर बिजली घर के एसडीओ पुष्पेंद्र सिंह से बात की. हमने उनसे स्मार्ट बिजली मीटर के तौर तरीकों के बारे में जाना.

गोरखपुर. यूपी में इन दिनों स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और शिकायतें बढ़ती जा रही हैं. कई इलाकों में लोगों का कहना है कि प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद उन्हें बार-बार बिजली कटने और बैलेंस समझने में दिक्कत हो रही है. हालांकि, विभाग का मानना है कि यह समस्या तकनीक नहीं बल्कि जानकारी के अभाव की वजह से है. स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली अब प्रीपेड मॉडल पर चल रही है, यानी उपभोक्ताओं को पहले से रिचार्ज कराना होता है. ऐसे में यदि बैलेंस खत्म या माइनस में चला जाता है, तो बिजली सप्लाई स्वतः बंद हो जाती है. यही वजह है कि कई उपभोक्ता अचानक लाइट कटने से परेशान हो रहे हैं. लेकिन उपभोक्ताओं को भी स्मार्ट बनना होगा, ताकि यह सिस्टम समझ सके.

ये ऐप जरूरी

बक्शीपुर बिजली घर के एसडीओ पुष्पेंद्र सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि स्मार्ट मीटर नई तकनीक है और अधिकांश लोगों के लिए यह बिल्कुल नया अनुभव है. पहले पोस्टपेड सिस्टम था, जहां महीने के अंत में बिल आता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को खुद अपने बैलेंस पर नजर रखनी पड़ती है. इसके लिए उपभोक्ता सबसे पहले ‘UPPCL Smart App’ डाउनलोड करें. इस ऐप में उपभोक्ता अपनी आईडी डालकर बैलेंस, खपत और अन्य सभी जानकारी आसानी से देख सकते हैं. इससे उन्हें समय रहते रिचार्ज कराने में मदद मिलेगी.

काफी सुविधाजनक

एसडीओ पुष्पेंद्र सिंह बताते हैं कि कई बार उपभोक्ताओं का बैलेंस माइनस में चला जाता है, जैसे माइनस 500 रुपये. ऐसे में अगर वे 1500 रुपये का रिचार्ज करते हैं, तो 500 रुपये पुराने बकाया में कट जाएंगे और शेष 1000 रुपये उनके अकाउंट में बचेंगे. यही पॉजिटिव बैलेंस उनके मीटर को चालू रखेगा. अगर उपभोक्ता बैलेंस पर ध्यान नहीं देते और समय पर रिचार्ज नहीं करते, तो मीटर ऑटोमैटिक बिजली काट देता है. इसलिए जरूरी है कि बैलेंस हमेशा पॉजिटिव रखा जाए. स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं मुख्य रूप से जागरूकता की कमी के कारण सामने आ रही हैं. यदि उपभोक्ता ऐप का सही इस्तेमाल करें और बैलेंस पर नजर रखें, तो यह सिस्टम पारदर्शी और काफी सुविधाजनक है.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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