एक पैसा नहीं लगेगा, तैयार हो जाएगी तगड़ी खाद, 60 दिन तक कुछ सेकेंड करना है बस एक काम
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Jaivik khaad banane ka tarika : आलू या प्याज के छिलके, खराब टमाटर, गोभी के डंठल, मूली के पत्ते या दूसरी सब्जियों के कचरों को हम कूड़ा समझ कर फेंक देते हैं, लेकिन सही तरीका जान लें तो इनसे जैविक खाद बनाकर हजारों रुपये कमा सकते हैं.
Jaivik khad banane ka tarika/सुल्तानपुर. हमारी घर की रसोई में कई जैविक कूड़े निकलते हैं, जैसे आलू के छिलके, प्याज के छिलके, खराब टमाटर, गोभी के डंठल, मूली के पत्ते या दूसरी सब्जियों के कचरे. इनको हम कूड़ा समझ कर फेंक देते हैं, लेकिन अगर आप तरीका जान लें तो इनसे जैविक खाद बनाकर महीने में हजारों रुपये की कमाई कर सकते हैं. अगर ये नहीं तो, आप अपने खेत और गार्डन में इसे जैविक खाद की तरह इस्तेमाल तो कर ही सकते हैं. ये खाद पौधों को कम समय में तेजी से बड़ा करती है. आइए रसोई के कूड़े से जैविक खाद बनाने का सबसे आसान तरीका जानते हैं.
सुल्तानपुर में जैविक खाद बनाने वाले पर्यावरणविद डॉ. कौशलेंद्र लोकल 18 से बताते हैं कि गार्डनिंग वाले पौधों के लिए आप किचन के वेस्ट से खाद तैयार कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले आपको सब्जी और फलों के छिलकों को एक जगह पर इकट्ठा करना होगा. फिर इन छिलकों को धूप में अच्छे से सुखा लें. फिर सारे सूखे छिलके को एक बाल्टी में डालें और उसमें गोबर और पानी का घोल भर दें. इसके बाद इस घोल को किसी ठंडे जगह पर रख दें और कुछ दिनों तक सुखाते रहें.
इतने दिनों में तैयार
सब्जी और फलों के छिलकों को एक ड्रम में 60 दिनों तक गोबर के घोल के साथ डालते रहें. जब वो सूख जाए तो खाद इस्तेमाल करने के लिए तैयार हो जाती है. इसे आप थोड़ा-थोड़ा करके अपने किचन गार्डन में हर हफ्ते डाल सकते हैं. इसका रिजल्ट आपको महीने भर में देखने को मिल जाएगा. इस खाद के इस्तेमाल से आपका पौधा हरा-भरा हो जाएगा. उत्पादन भी बेहतर होगा. इस तरह की खाद सुल्तानपुर के नंद गांव में बनाई जाती है, जहां जाकर इसे सीख भी सकते हैं.
Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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