एक प्रेरणा से शुरू हुआ सफर, जो बना लाखों के लिए मिसाल…, जानिए Ex-IAS दिनेश कुमार सिंह की कहानी, हर युवा को करती है प्रेरित

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एक प्रेरणा से शुरू हुआ सफर, जो बना लाखों के लिए मिसाल…, जानिए Ex-IAS दिनेश कुमार सिंह की कहानी, हर युवा को करती है प्रेरित


जौनपुर: कहते हैं…एक प्रेरणा पूरे जीवन की दिशा बदल सकती है. पूर्व आईएएस दिनेश कुमार सिंह का जीवन इसी कथन का सशक्त उदाहरण है. एक बार उन्होंने एक एसडीएम को कार्य करते हुए देखा, और वहीं से उनके भीतर अधिकारी बनने की जिज्ञासा जागी. उन्होंने उस प्रेरणा को अपना लक्ष्य बना लिया और कठिन परिश्रम से UPPCS परीक्षा में चयनित होकर पहले एसडीएम बने. इसके बाद उन्होंने मुजफ्फरनगर, बदायूं, सोनभद्र और जौनपुर जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सेवा दी, फिर चित्रकूट मंडल के कमिश्नर बने और सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए.

प्रशासनिक सेवा में नवाचार और जनसेवा की मिसाल
दिनेश कुमार सिंह का कार्यकाल केवल आदेश देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने हर पद पर नवाचार और जनसंपर्क को प्राथमिकता दी. बांदा कमिश्नर रहते हुए उन्होंने ग्राम सचिवालय योजना तैयार की, जिसे 10 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत किया गया. मुख्यमंत्री ने इसे सराहा और पूरे प्रदेश में लागू किया. आज उत्तर प्रदेश के हर गांव में ग्राम सचिवालय की स्थापना उन्हीं की सोच का परिणाम है.

स्वतंत्रता सेनानियों के गांव बने प्रेरणा के मॉडल
उन्होंने हर ब्लॉक के दो गांव मॉडल गांव बनेंगे की पहल की. इसके तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांवों को चुना गया ताकि नई पीढ़ी को देशभक्ति और इतिहास से जुड़ने की प्रेरणा मिले. इन गांवों में स्वच्छता, शिक्षा, जल व्यवस्था और सामाजिक विकास के आदर्श मानक तय किए गए.

कानपुर में दीवारों पर रंगी समाज की तस्वीर
कानपुर नगर आयुक्त के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने शहर की दीवारों पर सामाजिक संदेशों वाली पेंटिंग शुरू कराई. यह अभियान आगे चलकर पूरे राज्य में अपनाया गया और शहरी सौंदर्यकरण का नया मॉडल बन गया.

‘वरासत अभियान’ बना राज्यव्यापी उदाहरण
उनकी अगुवाई में शुरू हुआ ‘वरासत अभियान’ बेहद सफल रहा. इस योजना के तहत 46,290 लोगों के नाम खतौनी में दर्ज किए गए और दस्तावेज घर-घर पहुंचाए गए. इस मॉडल को उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्यभर में लागू किया, जिससे 7.5 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला.

कुंभ 2025 जांच आयोग में निभा रहे हैं अहम भूमिका
सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी सेवाएं जारी हैं. वे कुंभ 2025 में हुई भगदड़ की जांच के लिए गठित आयोग में सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं. उनकी निष्पक्षता और अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाते हैं.

एक अधिकारी, जो बन गया प्रेरणा का प्रतीक
Ex IAS दिनेश कुमार सिंह केवल एक पूर्व अधिकारी नहीं, बल्कि नए प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं. उन्होंने साबित किया कि अगर सोच जनहित की हो और कार्यप्रणाली पारदर्शी, तो प्रशासनिक सेवा केवल ‘पद’ नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम बन जाती है. उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि, ‘एक प्रेरणा से शुरू हुआ सफर, लाखों लोगों की जिंदगी में बदलाव ला सकता है.’



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