ऐसे बच्चों को हर महीने 4 हजार रुपये दे रही सरकार, 12वीं तक पढ़ाई मुफ्त, शादी भी कराएगी
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Bal Seva Yojana Rampur : ऐसे बच्चे जिनके सिर पर माता-पिता का साया नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने आगे आकर इन बच्चों का हाथ थामा है. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है. योजना के तहत बच्चों को हर महीने 4000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है. 11 से 18 साल तक के बच्चों के लिए पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार उठा रही है. इन बच्चों को कक्षा 12 तक मुफ्त शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में दाखिला कराया जाता है.
रामपुर. जब किसी बच्चे के सिर से माता-पिता का साया उठ जाता है तो सबसे बड़ी चिंता उसके भविष्य की होती है. कोरोना महामारी के दौरान ऐसे हजारों बच्चे सामने आए, जिन्होंने अपने मां-बाप दोनों को खो दिया. ऐसे मुश्किल वक्त में उत्तर प्रदेश सरकार ने आगे आकर इन बच्चों का हाथ थामा और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए उन्हें सहारा दिया. रामपुर के वन स्टॉप वन सेंटर की प्रभारी अधिकारी चांद बी के अनुसार, इस योजना की शुरुआत साल 2021-22 में की गई थी ताकि अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाया जा सके. इस योजना का मकसद है कि कोई भी बच्चा सिर्फ हालात की वजह से अपनी पढ़ाई या जिंदगी से समझौता न करे.
लैपटॉप भी दिए जा रहे
योजना के तहत बच्चों को हर महीने 4000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है, जिससे उनका रोजमर्रा का खर्च आसानी से चल सके. 11 से 18 साल तक के बच्चों के लिए पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी भी सरकार उठा रही है. इन बच्चों को कक्षा 12 तक मुफ्त शिक्षा देने के लिए अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में दाखिला कराया जाता है. कक्षा 9 या उससे ऊपर पढ़ रहे बच्चों को टैबलेट और लैपटॉप दिए जाते हैं ताकि वे आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें और किसी भी तरह से पीछे न रहें. अब तक 1003 बच्चों को लैपटॉप दिए जा चुके हैं. जो बालिकाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं, उनके शादी योग्य होने पर सरकार की तरफ से एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 16,061 बच्चों को इस योजना का लाभ मिल चुका है. इस साल 14,214 बच्चों को हर महीने 4000 रुपये की मदद दी जा रही है. यह दिखाता है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों तक पहुंच रहा है. सरकार ने एक और श्रेणी भी बनाई है, जिसमें उन बच्चों को शामिल किया गया है जिन्होंने कोरोना के अलावा किसी अन्य कारण से अपने माता-पिता या अभिभावक को खोया है. ऐसे बच्चों को हर महीने 2500 रुपये की सहायता दी जा रही है.
आगे की पढ़ाई का क्या
18 से 23 साल के युवाओं को भी इस योजना के तहत मदद मिल रही है. अगर कोई छात्र 12वीं के बाद कॉलेज, यूनिवर्सिटी या किसी तकनीकी संस्थान से पढ़ाई करना चाहता है तो सरकार उसका साथ नहीं छोड़ती, उसे आगे की पढ़ाई के लिए भी सहायता दी जाती है. जो छात्र नीट, जेईई या क्लैट जैसी बड़ी परीक्षाएं पास करते हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलता है. अब तक इस योजना के तहत 1,03,430 बच्चों को लाभ मिल चुका है. वर्तमान में 87,082 बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें