ऑनलाइन पढ़ाई के दम पर पाई सफलता, मुगलसराय की कंचन ने UPPCS एग्जाम किया क्रैक
चंदौली: जिले के मुगलसराय क्षेत्र से सफलता की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. कृष्णा नगर कॉलोनी निवासी कंचन गुप्ता ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) 2024 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 9 प्राप्त कर वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर का पद हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है.
दरअसल, कंचन गुप्ता एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता नरेश कुमार चकिया ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता वंदना देवी गृहिणी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद कंचन ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ निश्चय के बल पर यह मुकाम हासिल किया. उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के सामने टिक नहीं सकती हैं.
परिवार का सहयोग रहा सबसे अहम
कंचन ने लोकल 18 से बातचीत में अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया. उन्होंने बताया कि उनकी तैयारी में परिवार का सहयोग सबसे अहम रहा. उन्होंने कहा कि मैंने अपनी तैयारी ज्यादातर खुद की. कुछ ऑनलाइन संसाधनों की मदद भी ली, लेकिन मेरे मम्मी-पापा का समर्थन मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा है. कंचन ने यह भी बताया कि तैयारी के दौरान परिवार का साथ उन्हें लगातार प्रेरित करता रहा.
शुरू से पढ़ाई में नहीं थी बहुत तेज
कंचन ने अपनी शैक्षिक यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि वह शुरू से पढ़ाई में बहुत तेज नहीं थीं, लेकिन लगातार प्रयास करती रहीं. उन्होंने 10वीं की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय से 2017 में 9.2 CGPA के साथ उत्तीर्ण की थी. इसके बाद 12वीं की पढ़ाई भी केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय से 2019 में पूरी की.
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया, जिसे उन्होंने 2022 में पूरा किया. उन्होंने बताया कि ग्रेजुएशन के दौरान ही उनका झुकाव ह्यूमैनिटी विषयों की ओर बढ़ा और वहीं से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली.
एलएलबी की कर रही हैं पढ़ाई
शुरुआत में उन्हें इस परीक्षा के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे साथियों और अन्य स्रोतों से जानकारी मिलने पर उन्होंने UPPCS की तैयारी शुरू की. कंचन ने कहा कि उनकी यह सफलता उनके लिए एक पड़ाव है, मंजिल नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास करना है. वर्तमान में वह एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं और साथ ही उच्च शिक्षा भी पूरी कर चुकी हैं. उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है.
हमारी बेटी ने रोशन किया नाम
कंचन की सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है. उनकी मां वंदना देवी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लोकल 18 से कहा कि हम बहुत खुश हैं. हमारी बेटी ने हमारा नाम रोशन किया है. भगवान से प्रार्थना है कि वह आगे भी इसी तरह तरक्की करती रहे. वहीं, उनके पिता नरेश कुमार ने लोकल 18 से कहा कि उन्हें अपनी बेटी की मेहनत पर गर्व है. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद थी कि वह अच्छा करेगी, लेकिन इतनी बड़ी सफलता मिलेगी, यह नहीं सोचा था. उसका भविष्य उज्ज्वल है.
शिक्षा विभाग के लिए है गर्व की बात
कंचन की इस उपलब्धि पर उनके पिता के मित्र शिक्षक अजय कुमार गुप्ता ने लोकल 18 से बताया कि कंचन की सफलता पूरे शिक्षा विभाग के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक होने के नाते नरेश कुमार ने न केवल अपने विद्यार्थियों को शिक्षा दी, बल्कि अपनी बेटी को भी सही मार्गदर्शन दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.
आने वाली पीढ़ी के लिए बनेगा प्रेरणा
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी क्षेत्र के एक शिक्षक के बेटे ने UPSC में सफलता प्राप्त की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक वर्ग अपने बच्चों को उच्च मुकाम तक पहुंचाने में सक्षम है. कंचन की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
बता दें कि कंचन गुप्ता की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं. उनकी कहानी यह सिखाती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती.