कंधे पर हाथ, चेहरे पर मुस्कान और बच्चों की टोली… देखिए वंदे भारत में PM मोदी की पाठशाला
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PM Modi In Varanasi: प्रधानमंत्री ने 4 नई वंदे भारत ट्रेनों को झंडी दिखाकर गंतव्य के लिये किया रवाना. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव रख रही हैं. भारत ने एक विकसित भारत के लिए अपने संसाधनों को बढ़ाने के मिशन की शुरुआत की है और ये ट्रेनें उस यात्रा में मील का पत्थर साबित होंगी. पवित्र तीर्थस्थलों को अब वंदे भारत नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जो भारत की संस्कृति, आस्था और विकास यात्रा के संगम का प्रतीक है. यह विरासत शहरों को राष्ट्रीय प्रगति के प्रतीक में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वाराणसी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. पीएम मोदी ने ट्रेन में सवार बच्चों से बातचीत की. इस दौरान वह बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग को भी देखा और सराहा. पीएम मोदी बच्चों के कंधे पर रखकर बातचीत करते नजर आए.

प्रधानमंत्री ने वाराणसी से चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई. पीएम मोदी ने कहा कि नई वंदे भारत ट्रेनें यात्रा समय में कमी लाएंगी, क्षेत्रीय गतिशीलता बढ़ाएंगी और कई राज्यों में पर्यटन तथा व्यापार को बढ़ावा देंगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक ऑनलाइन कार्यक्रम में एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई. एर्नाकुलम जंक्शन-केएसआर (क्रांतिवीर सांगोली रायन्ना) बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस (06652) ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के साथ सुबह आठ बजकर 41 मिनट पर स्टेशन से रवाना हुई, हालांकि ट्रेन खुलने का निर्धारित समय सुबह आठ बजे था.

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे एवं अंतिम दिन मोदी ने बनारस रेलवे स्टेशन पर चार नयी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये नयी ट्रेन बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी.

बयान के अनुसार ये नयी वंदे भारत ट्रेन प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करके क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि करेंगी, पर्यटन को बढ़ाएंगी और देश भर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगी. अधिकारियों के मुताबिक बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस रेलमार्ग पर सीधी पहुंच प्रदान करेगी और वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग दो घंटे 40 मिनट समय की बचत करेगी.