कहीं आपका बदन दर्द विटामिन D और B12 की कमी से तो नहीं?
Ghaziabad News: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप लगातार शरीर में दर्द, कमजोरी और बिना काम किए थकान महसूस कर रहे हैं, तो यह महज काम का तनाव नहीं है. गाजियाबाद के जिला MMG अस्पताल से आई ताजा रिपोर्ट ने खतरे की घंटी बजा दी है. जिले में विटामिन-D और विटामिन-B12 की कमी के मामले बिजली की रफ्तार से बढ़ रहे हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस समस्या की सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं और युवा हो रहे हैं. जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के बाहर लगी महिलाओं की लंबी कतारें इस बात की गवाह हैं कि यह समस्या अब घर-घर पहुंच चुकी है.
20 हजार से ज्यादा टेस्ट, हजारों में मरीज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए पिछले एक साल के आंकड़े काफी डराने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बीते एक साल में गाजियाबाद के जिला अस्पताल में लगभग 20,835 लोगों ने अपने विटामिन लेवल की जांच करवाई. इनमें से 9,825 लोग विटामिन-D की कमी से जूझ रहे हैं, जबकि 7,939 मरीजों में विटामिन-B12 की भारी कमी पाई गई है. इन आंकड़ों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या काफी अधिक है.
क्यों बढ़ रही है यह समस्या? डॉक्टरों की राय
MMG अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन के अनुसार, विटामिन-D और B12 की कमी अब एक गंभीर ‘पब्लिक हेल्थ’ समस्या बन गई है. इसके पीछे मुख्य कारण हमारी आधुनिक जीवनशैली है. दरअसल, शहरों में लोग ज्यादातर समय घरों या ऑफिस के अंदर बिताते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप (विटामिन-D का मुख्य स्रोत) नहीं मिल पाती.
वहीं, जंक फूड का बढ़ता चलन और भोजन में पोषक तत्वों की कमी से B12 का स्तर गिर रहा है. डॉक्टर बताते हैं कि शहरी आबादी में रहने वाली महिलाएं, युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग इसकी चपेट में सबसे ज्यादा हैं.
बचाव के आसान तरीके, क्या करें और क्या न करें?
विटामिन की कमी से बचने के लिए डॉक्टरों ने कुछ बेहद सरल और प्रभावी सुझाव दिए हैं:
- धूप है जरूरी: हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 15-20 मिनट सुबह की गुनगुनी धूप में जरूर बैठना चाहिए.
- डाइट पर ध्यान दें: अपने भोजन में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां, ताजे फल और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें.
- डॉक्टर की सलाह: अगर लक्षण ज्यादा गंभीर हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें और उनकी सलाह पर विटामिन-D और B12 के सप्लीमेंट या इंजेक्शन कोर्स पूरा करें.
सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ गाजियाबाद ने कसी कमर
स्वास्थ्य विभाग न सिर्फ विटामिन की कमी बल्कि महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर को लेकर भी अलर्ट मोड पर है. शुक्रवार को CMO ऑफिस में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल के नेतृत्व में हुई इस बैठक में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों (MOIC, ARO, BPM, BPCM) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया.
3 महीने चलेगा टीकाकरण अभियान
डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि जिले में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ‘ह्यूमन पैपिलोमा वायरस’ (HPV) टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है. यह अभियान शुरुआती चरण में तीन महीने तक चलेगा. इसके लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारियां कर ली गई हैं ताकि भविष्य में महिलाओं को इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके.