कानपुर वालों हो जाओ सावधान! इतना पहुंचा AQI, हार्ट और फेफड़े के लिए है खतरनाक, ऐसे करें बचाव
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Kanpur News: कानपुर में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. शहर का AQI 300–350 ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है, जबकि कल्याणपुर और गुरुदेव पैलेस जैसे क्षेत्रों में यह 400 के करीब ‘खतरनाक’ स्तर पर दर्ज हुआ. ऐसे में PM2.5 और PM10 कण गंभीर फेफड़ों व हृदय रोगों का कारण बन सकते हैं.
कानपुर महानगर में वायु प्रदूषण अब एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है, जहां शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से 350 के बीच, यानी ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है. इसका मतलब है कि हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण खतरनाक स्तर पर हैं, जो फेफड़ों और हृदय को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं. हालांकि यह औसत आंकड़ा है, लेकिन शहर के कई हॉटस्पॉट में स्थिति और भी ज्यादा भयावह है. उदाहरण के लिए, घनी आबादी वाले और व्यस्त क्षेत्र जैसे कल्याणपुर (Kalyanpur) और गुरुदेव पैलेस (Guru Dev Palace) में AQI 300 से 400 के बीच है, जिसे ‘खतरनाक’ (Hazardous) माना जाता है. इस स्तर की हवा में सांस लेने से स्वस्थ व्यक्ति भी तुरंत बीमार पड़ सकता है.
प्रदूषण के मुख्य कारणों में निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, पुराने वाहनों का धुआं और रात में कचरा जलाना शामिल है, जिस पर प्रशासन की सख्ती पर्याप्त नहीं दिख रही है.विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने नागरिकों से इस स्थिति को गंभीरता से लेने की अपील की है. ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा में बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा और हृदय रोगियों जैसे संवेदनशील समूहों को बाहर बिल्कुल भी नहीं निकलना चाहिए. सामान्य नागरिकों को भी हर हाल में बाहरी शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए और घर से बाहर निकलते समय N95 या FFP2 ग्रेड के मास्क का उपयोग अनिवार्य कर लेना चाहिए.नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तत्काल प्रभाव से निर्माण स्थलों पर पूरी तरह से रोक लगाने, सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव को बढ़ाने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त जुर्माना लगाने जैसे आपातकालीन कदम उठाने की ज़रूरत है, ताकि कानपुर के नागरिकों को इस जानलेवा वायु प्रदूषण से तुरंत राहत मिल सके.

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल… और पढ़ें