किसानों के लिए मौका, फ्री में मिल रहा है लहसुन का बीज, लाभ उठाने के लिए फटाफट करें आवेदन
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Agriculture News: शाहजहांपुर में किसानों के लिए खुशखबरी है, जहां जिला उद्यान विभाग लहसुन के बीज मुफ्त में वितरित कर रहा है. विभाग का लक्ष्य 50 हेक्टेयर क्षेत्र में लहसुन की खेती को बढ़ावा देना है. किसान ऑनलाइन या विभाग के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं और निशुल्क बीज प्राप्त कर सकते हैं.
शाहजहांपुर: जिले के किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ-साथ लहसुन की खेती करके अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हैं. लहसुन की खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है, जिसे देखते हुए जिला उद्यान विभाग भी किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है. विभाग का लक्ष्य है कि किसान बागवानी के साथ-साथ कम लागत वाली सब्जियों की खेती से भी अतिरिक्त कमाई करें. इसी कड़ी में किसानों को बड़ी राहत देते हुए उद्यान विभाग लहसुन के बीज बिलकुल मुफ्त में वितरित कर रहा है. किसान सीधे उद्यान विभाग के कार्यालय से या ऑनलाइन आवेदन करके ये बीज ले सकते हैं. लहसुन की खेती से किसान कम लागत में ज्यादा कमाई कर सकते हैं.
जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को निशुल्क लहसुन के बीज वितरित किए जा रहे हैं. पंजीकृत किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले उन्नत बीज दिए जा रहे हैं. इस बार जिले में लहसुन की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. लहसुन की खेती कम लागत में की जा सकती है और इसके लिए कम सिंचाई की आवश्यकता होती है, जो इसे उन किसानों के लिए फायदेमंद बनाती है जिनके पास पानी की कमी है. इससे किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेंगे. विभाग का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है.
कैसे करें आवेदन
किसान अगर लहसुन का बीज निःशुल्क लेना चाहते हैं. तो ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी की छायाप्रति इसके साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटो आवश्यकता है. किसान जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय आकर भी बीज के लिए आवेदन दे सकते हैं. वहीं किसान घर बैठे अपने मोबाइल फोन से भी dbt.upHorticulture.in पर जाकर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जिले में इस बार 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लहसुन की फसल उगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. किसान पहले आओ पहले पाओ के तहत निःशुल्क बीज ले सकते हैं. इस स्कीम के तहत किसानों को उपज ढुलाई में इस्तेमाल होने वाली क्रेट भी निःशुल्क दी जाएंगी.
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल… और पढ़ें