क्या करते? रेटिंग ख़राब हो जाती…10 मिनट के चक्कर में कई साथी चोटिल हुए, सरकार के फैसले पर क्या बोले कानपुर के डिलीवरी बॉय

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क्या करते? रेटिंग ख़राब हो जाती…10 मिनट के चक्कर में कई साथी चोटिल हुए, सरकार के फैसले पर क्या बोले कानपुर के डिलीवरी बॉय


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Kanpur News: सरकार ने 10 मिनट में डिलीवरी की बाध्यता खत्म कर दी है. इससे कानपुर समेत कई शहरों के डिलीवरी बॉय को राहत मिली है. अब वे बिना दबाव, ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित डिलीवरी कर सकेंगे. इससे हादसे और मानसिक तनाव दोनों कम होंगे.

कानपुर: देशभर में 10 मिनट के भीतर ऑर्डर पहुंचाने का वादा करने वाली कई डिलीवरी कंपनियों की वजह से डिलीवरी बॉय लगातार दबाव में काम कर रहे थे. समय की यह सख्त बाध्यता न केवल उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही थी, बल्कि सड़क पर उनकी सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गई थी. अब सरकार ने इस बाध्यता को खत्म करने का आदेश दिया है. इस फैसले के बाद कानपुर समेत कई शहरों में डिलीवरी बॉय ने राहत की सांस ली है.

तनाव और हादसों का बढ़ता खतरा

कानपुर में डिलीवरी कंपनियों में काम करने वाले रचित, धीरज और उमेश बताते हैं कि 10 मिनट में ऑर्डर पहुंचाने की मजबूरी के कारण उन्हें हमेशा घड़ी देखकर बाइक चलानी पड़ती थी. ट्रैफिक, खराब सड़कें और अचानक ब्रेक लगने जैसी स्थितियों में भी समय पूरा करने का दबाव बना रहता था. कई बार जल्दबाजी में नियम टूटते थे और हादसों का खतरा बढ़ जाता था. उनका कहना है कि कई साथी डिलीवरी के दौरान चोटिल हुए, कुछ को गंभीर चोटें भी आईं. इसके बावजूद समय पर ऑर्डर न पहुंचने पर रेटिंग खराब होने या जुर्माने का डर बना रहता था.

सरकार का फैसला क्यों है अहम

सरकार के इस फैसले से अब डिलीवरी बॉय पर 10 मिनट में हर हाल में ऑर्डर पहुंचाने का दबाव नहीं रहेगा. इससे वे ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से डिलीवरी कर सकेंगे. रचित कहते हैं कि अब हम बिना डर के हेलमेट पहनकर, सही स्पीड में और सावधानी से ऑर्डर पहुंचा पाएंगे. पहले ऐसा लगता था कि जान से ज्यादा समय की कीमत है, लेकिन अब स्थिति बदलेगी.

कानपुर में खुशी की लहर

कानपुर के डिलीवरी बॉय इस फैसले से खासे खुश हैं. धीरज का कहना है कि यह फैसला बहुत पहले आ जाना चाहिए था. वे बताते हैं कि कई बार ग्राहक भी 10 मिनट की उम्मीद में गुस्सा हो जाते थे, जबकि रास्ते की स्थिति हमारे हाथ में नहीं होती. अब उम्मीद है कि ग्राहक भी समझेंगे और डिलीवरी को सुरक्षित तरीके से पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा. उमेश कहते हैं कि इससे काम का माहौल बेहतर होगा और मानसिक तनाव भी कम होगा.

कंपनियों और ग्राहकों को भी फायदा

इस फैसले का असर सिर्फ डिलीवरी बॉय तक सीमित नहीं रहेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक जब डिलीवरी सुरक्षित और नियमों के तहत होगी, तो कंपनियों को भी दुर्घटनाओं और कानूनी झंझटों से राहत मिलेगी. ग्राहक भी समय के बजाय सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा को प्राथमिकता देंगे. इससे डिलीवरी सिस्टम ज्यादा स्थायी और मानवीय बन सकेगा. एक सकारात्मक कदम सरकार का यह फैसला डिलीवरी बॉय की सुरक्षा, मानसिक शांति और काम की गुणवत्ता के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है.कानपुर के डिलीवरी बॉय का मानना है कि अब वे बिना जल्दबाजी के, जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर पाएंगे.यह फैसला दिखाता है कि तकनीक और सुविधा के साथ-साथ इंसान की जान और सुरक्षा सबसे ऊपर है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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सरकार के फैसले पर क्या बोले कानपुर के डिलीवरी बॉय



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