क्या सच में DM आवास में 45 मिनट बंधक रहे अलंकार अग्निहोत्री? जिस शख्स को किया पहला फोन, उसने बताई पूरी कहानी

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क्या सच में DM आवास में 45 मिनट बंधक रहे अलंकार अग्निहोत्री? जिस शख्स को किया पहला फोन, उसने बताई पूरी कहानी


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City Magistrate Alankar Agnihotri Resignation: यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद बवाल मच गया है. वहीं जिलाधिकारी के आवास पर उन्हें बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया. अलंकार ने सबसे पहले ये जानकारी देने वाले दीपक पांडेय बरेली बार एसोसिएशन के सचिव को दी थी. आइए उनसे पूरा सच जानते हैं.

बरेली: UGG के नए कानून के विरोध में पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी 2026 को जब वे इस्तीफा देने के बाद जिलाधिकारी बरेली (DM) अविनाश सिंह से बात करने उनके आवास पर गए, तो उन्हें वहां करीब 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया. इसकी जानकारी उन्होंने फोन के माध्यम से दीपक पांडेय बरेली बार एसोसिएशन के सचिव को दी, जो अलंकार अग्निहोत्री के करीबी बताए जाते हैं. इस विवाद के दौरान उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

दीपक पांडेय बरेली बार एसोसिएशन के सचिव हैं. वह बताते हैं कि 26 जनवरी देर शाम जब हम सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के साथ बरेली डीएम आवास पर उनसे मुलाकात करने गए, तब बड़े प्रशासनिक अधिकारियों को कमरे से बाहर कर दिया गया. कुछ एसडीएम अधिकारी, बरेली डीएम महोदय के द्वारा अलंकार अग्निहोत्री से वार्ता का क्रम जारी रखा गया. बरेली डीएम के अनुमोदन पर दीपक पांडे बार एसोसिएशन सचिव कमरे के बाहर बैठे हुए थे. तभी कुछ देर के कार्यक्रम में फेर बदल के बाद मेरे पास सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का फोन आया.

अलंकार अग्निहोत्री ने फोन पर दी सूचना

फोन पर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि बरेली के प्रशासनिक अधिकारी ने उन्हें रातभर बंधक बनाकर रखने के लिए बुलाया है. इसके बाद डीएम आवास के कार्यालय में बाहर के कमरे में बैठे एडवोकेट सचिव बार एसोसिएशन बरेली दीपक पांडे के द्वारा, आनन-फानन में मीडिया और अपने साथी अधिवक्ता गणों को सूचित किया गया. जैसे ही यह खबर मीडिया और बाहर तक पहुंची, बरेली प्रशासन ने डीएम आवास बरेली से उन्हें बाहर जाने दिया.

एडवोकेट दीपक पांडेय बताते हैं कि पहले हिंदू-मुस्लिम, फिर जातियों में बांटने का काम, अब बच्चों को भी बांटने का काम यह कानून कर रहा है, लेकिन अब यह विभाजनकारी नीति हिंदुस्तान में नहीं चलेगी. हिंदुस्तान की जनता समझ चुकी है. हिंदुस्तान में सभी भाई एक होकर रहना चाहते हैं. अब यह सरकार की रणनीति सफल होने वाली नहीं है.

अलंकार अग्निहोत्री की आहुति ज्वाला बन भड़क रही

बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के द्वारा जो आहुति दी गई है, वह एक चिंगारी पूरे प्रदेश और हिंदुस्तान में ज्वाला बनकर भड़क रही है. हम सरकार से मांग करते हैं कि इस तरह के काले कानून को विभाजन करने वाला कानून बताकर यूजीसी कानून सरकार को तुरंत ही वापस लेना चाहिए, जिससे शिक्षा में समानता का अधिकार बना रहे.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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