खाली पड़ी जगह में लगा दें अमरूद, सरकार दे रही 48-48 हजार की मदद, जानिए आवेदन का तरीका
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अमरूद की खेती हमेशा से फायदे का सौदा रही है. सरकार भी अमरूद किसानों की मदद के लिए आगे आई है. बागवानी मिशन के तहत किसानों को उद्यान विभाग की तरफ से प्रोत्साहित किया जा रहा है. अगर आपके पास भी खाली जगह है तो आप भी अमरूद की व्यावसायिक खेती कर सकते हैं. आजमगढ़ में इसके लिए उद्यान विभाग की तरफ से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. इस योजना का लाभ किसान लगातार 3 वर्षों तक पा सकते हैं. पहले साल 48 हजार और बाकी दो सालों में ₹24–24 हजार की सब्सिडी मिलेगी.
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कई तरीके की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. किसान खेती कर ज्यादा आय प्राप्त कर सकें, इसके लिए इन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है.

सरकार किसानों को अमरूद की बागवानी शुरू करने के लिए सहायता उपलब्ध करा रही है. उद्यान विभाग की तरफ से इच्छुक किसान इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं. अमरूद की डिमांड पूरे साल रहती है. किसानों को इससे अच्छी इनकम होती है.

लोकल 18 से बात करते हुए जिला उद्यान अधिकारी हरिशंकर राम कहते हैं कि अमरूद की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से मुख्यमंत्री बागवानी विकास योजना का संचालन किया जा रहा है. इसके तहत किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जाता है.
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इस योजना की मदद से किसान अपनी खाली पड़ी जमीन का अच्छा उपयोग कर सकते हैं. अप्रैल के महीने में अमरूद के बागवानी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. खेतों को सही तरह से तैयार करते हुए विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले अमरूद के पौधों का इस्तेमाल किया जा सकता है.

किसान इसके लिए उर्वरक और खाद्य आदि चीजों की सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं. इससे फसल को अच्छी ग्रोथ मिलती है. किसानों को पौधों के बीच की दूरी के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. 6 मीटर की दूरी पर लगाए जाने वाले पौधे के लिए प्रति हेक्टेयर ₹30 हजार की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है.

कम दूरी वाले पौधे (हाई डेंसिटी वाली बागवानी) के लिए ₹48 हजार तक का अनुदान दिया जा रहा है. इस योजना का लाभ किसान लगातार 3 वर्षों तक प्राप्त कर सकते हैं. पहले साल 48 हजार और बाकी दो सालों में ₹24–24 हजार की सब्सिडी मिल सकती है.

अमरूद की बागवानी के लिए जगह को भी फसल के अनुरूप तैयार करना जरूरी है. इसके लिए सही तरह से गड्ढे की खुदाई की जानी चाहिए. अप्रैल में गड्ढे खोदकर उनमें गोबर की खाद डालकर छोड़ दें. इससे मिट्टी को अच्छी धूप लगती है और कीड़े लगने का डर कम होता है.

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान उद्यान विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो समेत अन्य डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी.