गर्मी में चाहिए पहाड़ों वाली ठंडक? सहारनपुर के ये स्पॉट बना देंगे आपकी ट्रिप यादगार
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Best Places to Visit in Saharanpur: उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला सिर्फ अपनी नक्काशी के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी मशहूर है. शिवालिक की पहाड़ियों की गोद में बसे इस जिले में ऐसे कई छिपे हुए खजाने हैं, जो आपको पहाड़ों की ठंडक और मिनी गोवा जैसा अहसास कराएंगे. शाकंभरी देवी के पावन दरबार से लेकर बादशाही बाग के ऐतिहासिक खंडहरों और हथिनी कुंड बैराज के सुहावने नजारों तक, हम आपको बताएंगे सहारनपुर के उन 5 चुनिंदा स्थानों के बारे में जहां प्रकृति अपनी पूरी सुंदरता के साथ आपका स्वागत करती है. ये सभी जगहें आपके दिन को बेहद खास बना देंगी.
सहारनपुर शहर अपनी खूबसूरती के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यहां की शिवालिक पहाड़ियां हैं. अगर आप शहर में आए हैं और पहाड़ों का आनंद लेना चाहते हैं, तो हम आपको उन खास जगहों के बारे में बताएंगे जहां आप प्रकृति से सीधे जुड़ सकते हैं. इन पांच प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर आपको पहाड़ों की ठंडी हवा और प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर अहसास होगा.

सहारनपुर के पास स्थित राजाजी नेशनल पार्क की मोहांड रेंज शिवालिक की पहाड़ियों में फैला एक प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य है. यह सहारनपुर से लगभग 55 किमी की दूरी पर है. यह पार्क मुख्य रूप से हाथियों, बाघों और अलग-अलग तरह के वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है. यहां जंगल सफारी का आनंद लिया जा सकता है, जो मुख्य रूप से नवंबर से जून तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है.

शाकम्भरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है. यह शिवालिक पहाड़ियों के बीच जसमोर गांव में स्थित है. माना जाता है कि यह देवी सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है, जहां माता का शीश गिरा था. यहां का प्रमुख मंदिर माता दुर्गा का अवतार माना जाता है और यह क्षेत्र अपनी आध्यात्मिक महत्ता, प्राचीनतम भूरा-देव मंदिर और प्रकृति के करीब होने के लिए जाना जाता है.
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दर्शन के अलावा शाकम्भरी क्षेत्र घूमने के लिए भी बेहद खूबसूरत स्थान है. यह शिवालिक पहाड़ियों के बीच बसने वाला एक शांत इलाका है. इस क्षेत्र में पहाड़ों की खूबसूरती, बरसाती नदियां, पेड़ों की हरियाली और पानी के झरने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. लोग अक्सर माता के दर्शन करने के बाद यहां के प्राकृतिक क्षेत्र का भ्रमण करना बेहद पसंद करते हैं.

उत्तर प्रदेश का पश्चिमी छोर और तीन राज्यों की सीमाओं को समेटे सहारनपुर जनपद इन दिनों अपने एक ‘छिपे हुए खजाने’ की वजह से चर्चा में है. शिवालिक की हसीन वादियों और यमुना की शीतल जलधारा के बीच बसा ‘बादशाही बाग’ क्षेत्र पर्यटकों के लिए नया हॉटस्पॉट बन गया है. अगर आप पहाड़ों की शांति और समंदर के किनारे जैसा सुकून एक साथ चाहते हैं, तो यह इलाका आपको बिल्कुल गोवा वाले बीच की याद दिला देगा.

सहारनपुर का एक बड़ा हिस्सा शिवालिक पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जहां पहुंचते ही भीषण गर्मी में भी आपको हल्की ठंडक और ताजगी मिलने लगती है. वैसे तो यहां घूमने के कई स्थान हैं, लेकिन यमुना का चौड़ा पाट, किनारे पर मौजूद रेत और चारों तरफ फैली हरियाली यहां बिल्कुल गोवा बीच जैसा माहौल पैदा करती है. यही वजह है कि स्थानीय लोग और पर्यटक इसे अब ‘मिनी गोवा’ के नाम से पुकारने लगे हैं.

सहारनपुर के फैजाबाद इलाके में स्थित बादशाही बाग मुगल सम्राट शाहजहां के लिए अली मर्दान खान द्वारा निर्मित एक शाही शिकारगाह था. पहाड़ियों की तलहटी में ईंटों से बनी यह संरचना उस दौर में शाही विश्राम स्थल के रूप में काम करती थी. समय के साथ जीर्ण-शीर्ण होने के बावजूद महल के कुछ हिस्से आज भी शेष हैं, जहां लोग अक्सर पुरानी यादों को देखने और घूमने के लिए आते हैं.

हथिनी कुंड बैराज हरियाणा के यमुनानगर और यूपी के सहारनपुर जिले की सीमा पर यमुना नदी पर बना एक कंक्रीट बैराज (बांध) है. इसे सिंचाई के लिए अक्टूबर 1996 से जून 1999 के बीच बनाया गया था. इसे 1873 में बने पुराने ताजेवाला बैराज की जगह तैयार किया गया है. यह बैराज पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहरों के लिए जल विभाजित करता है. पहाड़ों से घिरा यह खूबसूरत दृश्य घूमने के लिए बहुत आकर्षक है और गर्मियों में लोग यहां पिकनिक मनाने आते हैं.