गाजियाबाद में दूषित पानी से मचा हड़कंप, राजनगर एक्सटेंशन और सिद्धार्थ विहार भी रडार पर, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की डेंजर जोन की लिस्ट
गाजियाबाद: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के बाद उत्तर प्रदेश गाजियाबाद में भी प्रशासन की नींद उड़ी हुई है. स्वास्थ्य विभाग ने अब उन इलाकों की ‘ब्लैक लिस्ट’ जारी कर दी है, जहां पिछले कुछ सालों से लगातार दूषित पानी की सप्लाई हो रही है. इस सूची में राजनगर एक्सटेंशन से लेकर लोनी और सिद्धार्थ विहार जैसी पॉश सोसायटियां भी शामिल हैं. प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कई इलाकों में लोग अनजाने में सीवर मिला पानी पी रहे हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है.
खतरे में शहर: 539 नमूनों में मिला संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच जिले भर से पानी के 2005 नमूने लिए गए थे. इनमें से 539 सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं. चिंता की बात यह है कि साल 2026 की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही है, अकेले जनवरी माह में अब तक 26 स्थानों का पानी दूषित पाया जा चुका है.
इन इलाकों में ‘जहर’ उगल रहे हैं नल
स्वास्थ्य विभाग ने उन क्षेत्रों की पहचान की है जहां पानी की गुणवत्ता सबसे खराब मिली है:
मोदीनगर: बेगमाबाद, फफराना बस्ती, मदनपुरा.
गाजियाबाद/शहर: सिद्धार्थ विहार, लाल क्वार्टर, नंदग्राम (E और F ब्लॉक), विजयनगर, कृष्णा नगर, कोट गांव, आर्य नगर.
पॉश सोसायटियां: महागुनपुरम (NH-24), स्वर्णजयंतीपुरम, सेवीविला डे (राजनगर एक्सटेंशन), आम्रपाली (क्रॉसिंग रिपब्लिक).
वसुंधरा/वैशाली: प्रहलादगढ़ी, शीतला माता मंदिर क्षेत्र, वैशाली सेक्टर-3F.
सोसायटियों को नोटिस, निगरानी बढ़ी
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि उन पांच प्रमुख सोसायटियों को विशेष तौर पर आगाह किया गया है, जहां पिछले वर्षों में जलजनित बीमारियों के सबसे ज्यादा मामले आए थे. इन क्षेत्रों में अब विशेष निगरानी रखी जा रही है. नगर निगम और संबंधित सोसायटियों के जिम्मेदारों को पत्र लिखकर तुरंत शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
ग्राउंड जीरो का हाल: सीवर मिला पानी और जनता का गुस्सा
वैशाली सेक्टर-3F में बुधवार को स्थिति तब बिगड़ गई जब घरों में बेहद गंदा पानी सप्लाई हुआ. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि हर तीसरे-चौथे दिन दूषित पानी आता है, लेकिन निगम अधिकारी शिकायतों को अनसुना कर देते हैं. लोगों का कहना है कि पाइपलाइनें पुरानी हो चुकी हैं और सीवर का पानी पेयजल में मिल रहा है.
आंदोलन की तैयारी: जनवरी के बाद धरने पर बैठेंगे लोग
पेयजल की समस्या को लेकर अब जनता का धैर्य जवाब दे रहा है. खोड़ा रेजीडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने चेतावनी दी है कि यदि जनवरी माह के अंत तक स्थिति नहीं सुधरी, तो नगर पालिका कार्यालय पर बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा. इससे पहले अक्टूबर में भी प्रदर्शन की योजना थी, जिसे अधिकारियों के आश्वासन के बाद टाल दिया गया था.