गोंडा में किसान बांस और रस्सी की तकनीक से उगा रहा टमाटर, बाजार में मिल रहा अच्छा दाम
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गोंडा के वजीरगंज के प्रगतिशील किसान संदीप कुमार मौर्य जैविक तरीके से टमाटर की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. वे रासायनिक खाद की जगह गोबर की खाद और जैविक घोल का इस्तेमाल करते हैं. नवीन 2000 वैरायटी के टमाटर की 1 एकड़ में खेती कर कम लागत में अच्छी पैदावार और बाजार में बेहतर दाम पा रहे हैं.
गोंडा. जिले के विकासखंड वजीरगंज के एक किसान जैविक तरीके से टमाटर की खेती कर रहे हैं. किसान रासायनिक खाद और दवाइयों की जगह प्राकृतिक और जैविक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे फसल भी अच्छी हो रही है और मिट्टी की सेहत भी बनी रहती है. किसान का कहना है कि जैविक खेती करने से लागत कम हो जाती है और फसल भी सुरक्षित होती है. वह खेत में गोबर की खाद, जैविक घोल और प्राकृतिक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, जिससे टमाटर की फसल अच्छी तरह तैयार होती है. उनके खेत में उगाए गए टमाटर की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण बाजार में भी इसकी अच्छी मांग रहती है. इससे किसान को अच्छा दाम मिल जाता है और आमदनी भी बढ़ रही है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील किसान संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की उसके बाद कुछ कारण बस उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और दिल्ली में निजी कंपनी में जॉब करने लगे उसके बाद उन्होंने अपने घर पर आकर सब्जी की खेती की शुरुआत की और उन्होंने इस समय सब्जी की खेती में 1 एकड़ टमाटर की खेती कर रहे हैं.
कहां से आया आइडिया
संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि बगल के किसान को देखकर टमाटर की खेती का आइडिया आया बगल के किसान टमाटर की खेती कर रहे थे तो हमने सोचा क्यों ना टमाटर की खेती की जाए क्योंकि टमाटर की डिमांड हमेशा मार्केट में बनी रहती है. फिर हमने टमाटर की खेती की शुरुआत की. संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि लगभग 1 एकड़ में टमाटर की खेती कर रहे हैं भविष्य में इसको और आगे बढ़ाना है.
कौन से वैरायटी का टमाटर
संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि नवीन 2000 वैरायटी के टमाटर की खेती कर रहे हैं. यह गोंडा के वातावरण में काफी अच्छे से सरवाइव कर रहा है और इसकी पैदावार भी काफी अच्छी है. मौर्य बताते हैं कि टमाटर के खेत में बांस और रस्सी लगाने का सबसे बड़ा महत्व है कि टमाटर का फल जमीन में नहीं रहेगा तो उसमें किसी भी प्रकार का दाग नहीं लगेगा और टमाटर अच्छे रहेंगे और कलर भी अच्छा आएगा तो मार्केट में अच्छी रेट मिलेगी इसीलिए हम टमाटर के खेत में बांस और रस्सी लगाकर टमाटर की खेती कर रहे हैं. संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि पिछले वर्ष टमाटर की खेती से 1 दिन में लगभग ढाई से तीन कुंतल टमाटर प्रतिदिन पढ़ाई की जाती थी.
कितनी लगी लागत
संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि एक एकड़ टमाटर की खेती में लगभग 10 से 15 हजार रुपए की लागत लगी है. संदीप कुमार मौर्य बताते हैं कि इस बार टमाटर की खेती से अच्छी इनकम होने की उम्मीद है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें