गोरखपुर के प्राणनाथ का 200 रुपये से शुरू हुआ सफर, आज लाखों की कर रहे कमाई, अचार-मुरब्बा मॉडल बना मिसाल!
गोरखपुर. अगर आप कम निवेश में बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो शहर के प्राणनाथ की कहानी आपके लिए प्रेरणा बन सकती है. करीब 70 साल पुरानी यह अचार–मुरब्बा की दुकान आज तीसरी पीढ़ी संभाल रही है और हर महीने एक लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार कर रही है. प्राणनाथ बताते हैं कि इस दुकान की शुरुआत उनके बाबा ने की थी, उसके बाद उनके पिता ने इसे आगे बढ़ाया और अब तीसरी पीढ़ी के रूप में वे स्वयं इसकी कमान संभाल रहे हैं. उनके बच्चे भी इस पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, ग्राहकों का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. शहर में मांग इतनी बढ़ गई कि उन्हें दो से तीन नई ब्रांच खोलनी पड़ी.
क्या है खास
दुकान पर गुलकंद, आंवला मुरब्बा, अदरक कैंडी, आम का अचार, नींबू अचार सहित कई तरह की वैरायटी मिलती है. हर उत्पाद की तैयारी में प्राणनाथ खुद निगरानी रखते हैं. वे बताते हैं कि स्वाद और शुद्धता से उन्होंने कभी समझौता नहीं किया, यही वजह है कि ग्राहक सालों से उनसे जुड़े हुए हैं. नई शाखाएं भी ग्राहकों की मांग पर ही खोली गई, ताकि उन्हें ज्यादा दूर तक यात्रा न करनी पड़े. प्राणनाथ का कहना है कि बिजनेस की सबसे खास बात यही है कि ग्राहक की प्राथमिकता को सबसे पहले रखा जाए.
कम पूंजी से शुरुआत कैसे करें
प्राणनाथ का मानना है कि इस बिजनेस की खास बात यह है कि इसे बहुत कम पूंजी से शुरू किया जा सकता है. यदि कोई व्यक्ति 200 रुपये से छोटे-छोटे पैक तैयार कर लोकल बाजार में बेचना शुरू करे तो धीरे-धीरे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. छोटी पैकेजिंग और आकर्षक लेबलिंग से ग्राहक जल्दी आकर्षित होते हैं. शुरुआत भले ही छोटे स्तर पर हो, लेकिन निरंतरता और गुणवत्ता से इसे बड़े स्तर तक पहुंचाया जा सकता है.
ऑनलाइन मार्केटिंग की तैयारी
अब प्राणनाथ ऑनलाइन मार्केट में भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं, उनका मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शहर से बाहर भी प्रोडक्ट की मांग बढ़ेगी. छोटे पैक, होम डिलीवरी और सोशल मीडिया प्रमोशन के माध्यम से बिक्री कई गुना बढ़ाई जा सकती है. ऑनलाइन ऑर्डर की सुविधा देने से नए ग्राहक भी आसानी से जुड़ सकेंगे और ब्रांड की पहचान मजबूत होगी.
बिजनेस आइडिया क्या सिखाता है
पारंपरिक स्वाद को ब्रांड बनाइए, कम पूंजी से छोटे पैक में शुरुआत कीजिए. गुणवत्ता और भरोसे को हमेशा प्राथमिकता दें, लोकल बाजार के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को भी जोड़ें. प्राणनाथ की कहानी यह साबित करती है कि मुरब्बा और अचार का व्यवसाय छोटा नहीं होता. मेहनत, गुणवत्ता और सही रणनीति के साथ यह लाखों की कमाई का जरिया बन सकता है. वे दूसरों को भी समझाते हैं कि कैसे छोटे-छोटे पैकेट तैयार कर बाजार में बेचे जा सकते हैं और सीमित पूंजी से बड़ा मुनाफा कमाकर एक मजबूत बिजनेस सेटअप खड़ा किया जा सकता है.