ग्राउंड रिपोर्ट: प्रशासन की सख्ती पूरी लेकिन पेपर था आसान, गाजीपुर की छात्राओं ने हिंदी में भरी बी-कॉपी!
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ग्राउंड रिपोर्ट: गाजीपुर जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई. सुबह की पारी में 10वीं के छात्रों ने हिंदी का पहला पेपर दिया. केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी के बीच छात्र उत्साह और हल्के तनाव के साथ बाहर निकले. लूर्ड्स कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल जैसे केंद्रों पर अनुशासन और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था देखी गई. छात्रों ने हिंदी पेपर को संतुलित और पढ़ाई के अनुसार आसान बताया. निबंध लेखन में अधिकांश छात्रों ने पर्यावरण और प्रदूषण जैसे रोजमर्रा के सामाजिक विषयों पर लिखा.
गाजीपुर. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं. गाजीपुर जिले के विभिन्न केंद्रों पर सुबह की पारी में हाईस्कूल (10वीं) के छात्रों ने हिंदी का पहला पेपर दिया. परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजामों और सीसीटीवी की निगरानी के बीच छात्र उत्साह और थोड़े तनाव के साथ बाहर निकले. विशेष रूप से लूर्ड्स कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल जैसे केंद्रों पर अनुशासन और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था देखने को मिली.परीक्षा खत्म होने के बाद जब छात्र बाहर आए, तो उनके चेहरे पर मिली-जुली प्रतिक्रिया थी, छात्रा दीपशिखा ने बताया कि हिंदी का पेपर कुल मिलाकर काफी अच्छा और संतुलित था. उनके अनुसार, सिलेबस से ही सवाल पूछे गए थे, जिससे उत्तर लिखना आसान रहा. वहीं, नैंसी ने साझा किया कि उन्हें किसी भी सवाल में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई और पेपर उम्मीद के मुताबिक ही आया था, लेकिन नियम कानून अंदर बहुत सख्त थे. हालांकि, साक्षी ने एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर इशारा करते हुए कहा कि पेपर ईजी जरूर था, लेकिन लेंदी भी था, साक्षी ने बताया कि उन्हें उत्तर पूरे करने के लिए B कॉपी यानी के अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका की जरूरत पड़ गई. उन्होंने कहा, पढ़ा सब कुछ था, इसलिए कठिन कुछ नहीं लगा, बस समय का प्रबंधन करना एक चुनौती थी.
पर्यावरण और प्रदूषण पर रहा फोकस
निबंध लेखन खंड में छात्रों ने सोशल विषयों पर अपनी लेखनी चलाई, अधिकांश छात्राओं ने पर्यावरण और प्रदूषण जैसे विषयों पर निबंध लिखा. छात्रों का मानना है कि ये ऐसे विषय हैं जिनसे वे रोजाना रूबरू होते हैं, इसलिए इन पर विचार व्यक्त करना और जागरूकता के दृष्टिकोण से लिखना काफी सरल रहा.
संस्कृत और OMR शीट की चुनौती
कुछ छात्रों के लिए संस्कृत का भाग थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा, एक छात्रा ने बताया कि गद्य और पद्य के मुकाबले संस्कृत का व्याकरण और अनुवाद वाला हिस्सा थोड़ा कठिन लगा, लेकिन फिर भी उन्होंने इसे समय पर पूरा कर लिया. वहीं, पहली बार बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे छात्रों के लिए ओएमआर शीट भरना एक नया अनुभव था. एक छात्रा ने अपनी घबराहट साझा करते हुए कहा, पहली बार बोर्ड एग्जाम का प्रेशर था और ओएमआर शीट भरने में शुरू में काफी डर लग रहा था. कहीं कोई गोला गलत न हो जाए, इसकी चिंता थी. लेकिन वहां मौजूद शिक्षकों ने बहुत अच्छी तरह से गाइड किया, जिससे बिना किसी गलती के काम पूरा हो गया.
सख्त अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था
गाजीपुर के परीक्षा केंद्रों पर इस बार नकल विहीन परीक्षा के संकल्प का असर साफ दिखा. लूर्ड्स कॉन्वेंट स्कूल में सुरक्षा इतनी सख्त थी कि छात्रों को गहन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया. स्कूल प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो.
हिंदी के इस पहले पेपर ने छात्रों में अगले विषयों के लिए एक नया आत्मविश्वास जगा दिया है. अब छात्रों की नजरें आगामी विज्ञान और गणित जैसे विषयों पर टिकी हैं.
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